download (16)

नई दिल्‍ली24 जनवरी 2025 (भारत बानी ब्यूरो ). वैकेंसी होने के बावजूद भारतीय कंपनियां जॉब देने से पीछे हट रही हैं. उनका कहना है कि युवाओं के पास सही प्रतिभा नहीं है, जिसकी वजह से उन्‍हें भर्ती नहीं किया जा सकता है. मैनपावरग्रुप टैलेंट शॉर्टेज सर्वे में बताया गया कि भारत में नियोक्ता जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान भर्ती गतिविधियों में सतर्क रुख अपना सकते हैं. इसका कारण प्रतिभा की कमी है और कंपनियां ऐसे युवाओं को भर्ती करने से पीछे हट रही हैं. यह सर्वे देश के चार क्षेत्रों के 3,000 से अधिक नियोक्ताओं के साथ किया गया है.

सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक भर्ती मांग (53 प्रतिशत) के बावजूद भारत में 80 प्रतिशत नियोक्ता सही प्रतिभा खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह रुझान 2022 से है और यह वैश्विक औसत 74 प्रतिशत से अधिक है जो 2024 तक अपरिवर्तित रहा है. कोई भी क्षेत्र अभाव से अछूता नहीं है और प्रतिभा की कमी वैश्विक श्रम बाजार में छाई हुई है. मैनपावरग्रुप इंडिया और पश्चिम एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा कि प्रतिभा की निरंतर कमी सामूहिक कार्रवाई की तत्काल जरूरत को रेखांकित करती है. इस कमी को 2025 तक भरने के लिए 80 प्रतिशत संगठन संघर्ष कर रहे हैं.

सारांश:कई कंपनियों ने घोषणा की है कि वे मार्च तक नौकरियों में कमी करेंगी, हालांकि जगह उपलब्ध होने के बावजूद। उनका कहना है कि युवाओं के पास सही जानकारी और कौशल नहीं है, जिससे वे योग्य नहीं समझे जा रहे हैं। इस स्थिति ने नौकरी बाजार में एक नया संकट पैदा किया है, जिससे नौकरी seekers को अपनी तैयारी और कौशल पर पुनः विचार करने की जरूरत है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *