21 मार्च 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) – अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शुक्रवार (भारतीय समयानुसार) को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत शिक्षा विभाग (Department of Education) को समाप्त किया जाएगा। यह कदम उन्होंने अपने चुनाव अभियान के दौरान रिपब्लिकन से किया गया वादा निभाने के तहत उठाया है। इस आदेश में सेक्रेटरी लिंडा मैकमोहन (Linda McMahon) को शिक्षा विभाग को बंद करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश स्कूली शिक्षा से जुड़ी नीतियों को लगभग पूरी तरह से राज्य और स्थानीय बोर्डों के अधीन छोड़ने के लिए बनाया गया है। इस कदम को लेकर उदारवादी शिक्षा समर्थकों (liberal education advocates) में चिंता देखी जा रही है।

ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए

व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में आयोजित साइनिंग सेरेमनी के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “गुरुवार का आदेश इस विभाग को समाप्त करने की दिशा में पहला कदम है।” उन्होंने आगे कहा, “हम शिक्षा प्रणाली को बहुत सरल रूप से वापस राज्यों को सौंप रहे हैं, जहां यह होनी चाहिए।” इस मौके पर टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट और फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसेंटिस भी मौजूद थे।

हालांकि ट्रंप पूरी तरह से शिक्षा विभाग को समाप्त नहीं कर सकते जब तक कि कांग्रेस, जिसने 1979 में इसे बनाया था, कोई कानून न पास करे, लेकिन डेमोक्रेट्स ने माना है कि वह बिना किसी विधायी कार्रवाई के इस विभाग को काफी हद तक कमजोर कर सकते हैं।

सीनेटर पैटी मरे ने एक बयान में कहा कि ट्रंप जानते हैं कि वह कांग्रेस की मंजूरी के बिना शिक्षा विभाग को समाप्त नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें यह भी पता है कि “आप उसी तरह का नतीजा हासिल कर सकते हैं अगर आप पूरे स्टाफ को निकाल दें और विभाग को टुकड़ों में तोड़ दें।” ट्रंप इससे पहले भी शिक्षा विभाग की आलोचना कर चुके हैं, उसे फिजूलखर्ची वाला और उदारवादी विचारधारा से प्रदूषित बताया है।

सारांश : डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी शिक्षा विभाग को बंद करने का नया फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद शिक्षा नीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जिससे देशभर में बहस छिड़ गई है।

Bharat Baani Bureau

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