24 मार्च 2025 (भारत बानी ब्यूरो ): समय रैना के शो इंडिया गॉट लेटेंट पर रणबीर इलाहाबादिया के कमेंट को लेकर मचा बवाल अभी पूरी तरह से ठंडा भी नहीं हुआ था कि कॉमेडी के गलियारों से एक और विवाद की चिंगारी सुलग गई है. अब कुणाल कामरा के एक गाने पर जबरदस्त बवाल मच गया है. कॉमेडियन की एक गाने ने महाराष्ट्र के पॉलिटिकल गलियारों में खलबली मचा दी है. उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गाने की पैरेडी के जरिए करारा तंज कसा जिसकी वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.
समय रैना और कुणाल कामरा को लेकर हुए दोनों ही विवाद के बीच एक ऐसा शख्स है जिसका नाम फिर से सुर्खियों में है और ये व्यक्ति हैबिटेट ग्रुप के फाउंडर और मालिक बलराज सिंह घई हैं. बलराज सिंह घई को आपने समय रैना के शो पर कई बार देखा होगा. वो कॉमेडियन के साथ अमिताभ बच्चन के रियालिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ पर भी शिरकत करने पहुंचे थे.
फिर सुर्खियों में आया हैबिटेट ग्रुप
समय रैना के शो पर मचे बवाल के दौरान भी बलराज सिंह घई के हैबिटेट ग्रुप का नाम सुर्खियों में था और एक बार भी उन्हें कुणाल कामरा के पॉलिटिकल सेटायर का खामियाजा उठाना पड़ा है. इन दोनों ही विवाद का हैबिटेट ग्रुप के मालिक बलराज सिंह घई से एक खास कनेक्शन है. दोनों ही बार जब किसी कॉमेडी शो पर वबाल मचा तो शो का वेन्यु हैबिटेट ग्रुप का था.
कुणाल कामरा के बयान से मचा बवाल
इस बार कुणाल कामरा के एकनाथ शिंदे पर किए गए व्यंग से शिवसेना के कार्यकर्ता कुछ ऐसे आहत हुए कि उन्होंने जहां कुणाल कामरा का शो हुआ था, उस क्लब में भयंकर तोड़फोड़ मचा दी. शिवसेना के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ के बाद हैबिटेट ग्रुप ने इस क्लब को फिलहाल के लिए बंद कर दिया है. इसके साथ ही ग्रुप के मालिक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अपनी सफाई देते हुए कहा कि वो सिर्फ कॉमेडी शो के लिए जगह देते हैं और उनका शो पर परफॉर्म किए गए कंटेंट से कोई लेना-देना नहीं है.
हैबिटेट के को-फाउंडर ने दी सफाई
बलराज सिंह घई ने हैबिटेट ग्रुप के ऑफिशियल हैंडल और अपने पर्सनल इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर कर क्लब पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि उनका कुणाल कामरा के विवाद से कोई नाता नहीं है. वो लिखते हैं, ‘हम हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर हैरान और चिंतित हैं. कलाकार अपने विचारों और रचनात्मकता के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं. हमारा इससे कोई भी संबंध नहीं है. हम कभी भी किसी कलाकार के कंटेंट में शामिल नहीं रहे हैं, लेकिन हाल की घटनाओं ने हमें इस बारे में फिर से विचार करने पर मजबूर कर दिया है कि हमें हर बार दोषी बनाकर निशाना बनाया जाता है, जैसे कि हमने ही कंटेंट तैयार किया हो’.
वो अपने पोस्ट में आगे लिखते हैं, ‘हमने फैसला लिया है कि हम तब तक क्लब बंद रखेंगे, जब तक कि हम निश्चिंत नहीं हो जाएं कि अब हमें या हमारी संपत्ति को कोई खतरा नहीं है. हम अपनी संपत्ति को खतरे में डाले बिना स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए एक मंच जब तक नहीं खोज लेते तब तक वापसी नहीं करेंगे. हम सभी कलाकारों और दर्शकों को स्वतंत्र रूप से चर्चा करने और अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं और आपके मार्गदर्शन का अनुरोध करते हैं ताकि हम कलाकारों के अधिकारों का भी सम्मान कर सकें. हैबिटेट हमेशा से कलाकारों के लिए किसी भी भाषा में अपना काम सामने लाने के लिए एक शानदार मंच रहा है’.
बता दें, हैबिटेट ग्रुप कैफे, स्टूडियो और लाइव परफॉर्मेंस के लिए वेन्यू देता है. ये ग्रुप अपने कैफे में कॉमेडियन को ओपन माइक का प्लेफॉर्म देता है.
सारांश: कुणाल कामरा के एकनाथ शिंदे पर व्यंग के बाद से महाराष्ट्र के पॉलिटिकल गलियारे में खलबली मची हुई है. अब कॉमेडियन के गाने पर छिड़े विवाद की चपेट में हैबिटेट ग्रुप के मालिक भी आ गए हैं. इससे पहले भी वो समय रैना की कॉन्ट्रोवर्सी का शिकार हो चुके हैं. इन दोनों की बवालों का इस एक शख्स से खास कनेक्शन है.