05 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2025 में म्यूचुअल फंडों की शुद्ध इक्विटी खरीद में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 30 दिसंबर तक म्यूचुअल फंडों की शुद्ध खरीद रिकॉर्ड 4.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जो 2024 के अब तक केउच्चतम स्तर 4.3 लाख करोड़ रुपए से कहीं अधिक है। यह बढ़त ऐसे समय में देखने को मिली है, जब शेयर बाजार में सुस्ती बनी हुई थी।

म्यूचुअल फंडों की शेयरों में शुद्ध खरीद लगातार पांचवें साल सकारात्मक रही है। पिछले कुछ वर्षों में इक्विटी निवेश में तेज इजाफा देखने को मिला है। जहां 2022 में म्यूचुअल फंडों की शुद्ध खरीद 1.9 लाख करोड़ रुपए और 2023 में 1.7 लाख करोड़ रुपए रही थी, वहीं 2024 में यह आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया। वर्ष 2025 में म्यूचुअल फंड निवेश एक नए शिखर पर पहुंच गया।

बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड योजनाओं में लगातार निवेश आता रहा। जानकारों के मुताबिक, खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी और व्यवस्थित निवेश योजनाओं (SIP) के जरिए नियमित निवेश से म्यूचुअल फंडों की खरीदारी पूरे साल बनी रही।

म्यूचुअल फंडों का यह मजबूत निवेश शेयर बाजार के अब तक के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII), जिनमें म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड शामिल हैं, ने शेयर बाजार में अब तक 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है।

सारांश:
SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) की बढ़ती लोकप्रियता के चलते म्यूचुअल फंड निवेश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। आंकड़ों के मुताबिक शुद्ध इक्विटी खरीद 4.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। नियमित निवेश और लंबी अवधि की रणनीति के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है, जिससे शेयर बाजार में स्थिरता और पूंजी प्रवाह में तेजी देखी जा रही है। यह उपलब्धि भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।

Bharat Baani Bureau

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