06 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो): उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हित में G RAM G Scheme के तहत एक नई और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिकों को समय पर और सीधे उनका हक दिलाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस योजना के तहत भुगतान की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए बताया कि किस तरह श्रमिकों के खाते में पैसा भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत श्रमिकों को साप्ताहिक भुगतान होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भुगतान में अगर देरी होगी तो इसका मुआवजा भी देना होगा। यानी इसके लिए अतिरिक्त ब्याज देना होगा।काम नहीं मिलने पर क्या होगा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे बताया कि समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अब कानूनी अधिकार हो गया है। यानी अगर कोई व्यक्ति कहता था कि मुझे काम चाहिए और ग्राम पंचायत काम नहीं दे रही है तो उसके बदले उसको भत्ता की गारंटी होगी। खेती के मौसम में किसानों को मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए राज्यों को बुवाई और कटाई के समय 60 दिन तक कार्य का विराम देने का अधिकार राज्यों को दिया गया है। यानी राज्य तय करेंगे कि कब खेती-बाड़ी का समय है।

उस समय मनरेगा के कार्य स्थगित रहेंगे और खेती के लिए मजदूर पर्याप्त संख्या में मौजूद रहेंगे। सालभर में 125 दिनों के कार्य की गारंटी दी जाएगी। इस योजना में किसान और मजदूर दोनों के हितों को सुरक्षित रखने की गारंटी दी गई है। 

टेक्नोलॉजी की होगी बड़ी भूमिका

सीएम ने कहा कि जी राम जी स्कीम में टेक्नोलॉजी के कानूनी अधिकार के तहत शामिल किया गया है। इसके माध्यम से बायोमीट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, सेटेलाइट इमेजनरी,रीयल टाइम मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग, एआई और सीधे डिजिटल तरीके से श्रमिकों को भुगतान किया जाएगा। यानी अब हाजिरी भरने की औपचारिकताएं नहीं होंगी। अब जो भी होगा, इन्हीं टेक्नोलॉजी के माध्यम से होगा और श्रमिकों को पैसे भेजे जाएंगे।

सारांश: उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के भुगतान को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, जिससे मजदूरों को समय पर और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

Bharat Baani Bureau

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