06 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो): ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 हो गई है। यह जानकारी मंगलवार को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने शेयर की है। अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ (HRANA) के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहे इन प्रदर्शनों में 1,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 29 प्रदर्शनकारी, 4 बच्चे और ईरान के सुरक्षा बलों के दो सदस्य मारे गए हैं। ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी मानी जाने वाली अर्धसरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने सोमवार देर रात रिपोर्ट किया कि प्रदर्शनों में लगभग 250 पुलिस अधिकारी और गार्ड के स्वयंसेवी बासिज बल के 45 सदस्य घायल हुए हैं।”दंगाइयों पर सख्ती करनी होगी”
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में अशांति उत्पन्न करने वाले विरोध प्रदर्शनों को लेकर कहा कि दंगाइयों पर सख्ती करनी होगी। उन्होंने कहा, “अधिकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से बात करनी चाहिए, लेकिन दंगा करने वालों से बात करने का कोई फायदा नहीं है। उन्हें उनकी जगह दिखानी होगी।” खामेनेई ने दावा किया कि इजराइल और अमेरिका जैसी विदेशी ताकतें ईरान में अशांति फैला रही हैं। उन्होंने रियाल की गिरती कीमत के लिए भी दुश्मनों को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप की चेतावनी, ईरान की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करता है, तो अमेरिका उनको बचाने के लिए आगे आएगा। यह हालांकि, अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप हस्तक्षेप करेंगे या नहीं और यदि करेंगे तो कैसे करेंगे, लेकिन उनकी टिप्पणियों को लेकर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ईरान के अधिकारियों ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी।
सारांश: ईरान में आक्रोश भड़क उठा है। हिंसक घटनाओं में 4 बच्चों सहित 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
