07जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो): फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई कलाकार रहे हैं जिन्होंने बेहद कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा से दर्शकों और आलोचकों का ध्यान खींच लिया। बचपन में अभिनय की बारीकियों को समझना, किरदार की भावनाओं को आत्मसात करना और संवादों के जरिए कहानी को जीवंत बनाना आसान काम नहीं होता। इसके लिए निरंतर अभ्यास, गहरा समर्पण और सीखने की इच्छा जरूरी होती है। इन्हीं खूबियों का बेहतरीन उदाहरण हैं अभिनेता हर्ष मायर, जिन्होंने बतौर बाल कलाकार न केवल अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती‘आई एम कलाम’ से हुई शानदार शुरुआत

हर्ष मायर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2010 में रिलीज हुई कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘आई एम कलाम’ से की। इस फिल्म का निर्देशन नीला माधव पांडा ने किया था और इसमें गुलशन ग्रोवर व पितोबाश जैसे अनुभवी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। अपनी पहली ही फिल्म में हर्ष ने ऐसा प्रभावशाली अभिनय किया कि वे सीधे दर्शकों के दिलों में उतर गए।फिल्म की कहानी और हर्ष का किरदार

‘आई एम कलाम’ की कहानी भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों और जीवन दर्शन से प्रेरित है। फिल्म में हर्ष मायर ‘छोटू’ नाम के एक मासूम लेकिन महत्वाकांक्षी बच्चे की भूमिका निभाते हैं। राजस्थान की पृष्ठभूमि में बुनी गई यह कहानी एक ऐसे बच्चे की है जो बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है और सड़क किनारे एक ढाबे पर बाल मजदूर के रूप में काम करता है। कठिन हालातों और सीमित संसाधनों के बावजूद छोटू बड़े सपने देखता है और कुछ बनने की चाह रखता है।

हर्ष ने इस किरदार को जिस सादगी, ईमानदारी और भावनात्मक गहराई के साथ पर्दे पर उतारा, वह काबिले-तारीफ है। उनकी स्वाभाविक एक्टिंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया और यही वजह रही कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। फिल्म को IMDb पर 7.9 की रेटिंग मिली है और यह आज भी प्राइम वीडियो पर दर्शकों द्वारा पसंद की जाती है।

‘गुल्लक’ से घर-घर में पहचान

हर्ष मायर के करियर का एक और अहम पड़ाव रहा लोकप्रिय वेब सीरीज ‘गुल्लक’। पारिवारिक रिश्तों, भावनाओं और रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद खूबसूरती से दिखाने वाली इस सीरीज में हर्ष ने जमील खान, गीतांजलि कुलकर्णी और वैभव राज गुप्ता के साथ अहम भूमिका निभाई। जो दर्शक उन्हें ‘गुल्लक’ में नहीं देख पाए, उन्होंने उनके अभिनय का एक बेहतरीन पहलू मिस कर दिया। इस सीरीज को दर्शकों और आलोचकों दोनों से जबरदस्त सराहना मिली और IMDb पर इसे शानदार 9.1 रेटिंग हासिल हुई। सोनीलिव पर उपलब्ध ‘गुल्लक’ आज भी उन वेब सीरीज में शुमार है, जो दर्शकों के दिल को छू जाती हैं और पारिवारिक अपनापन महसूस कराती हैं।

सारांश:
फिल्म I Am Kalam से पहचान बनाने वाले छोटू ने कम उम्र में ही नेशनल अवॉर्ड जीतकर सबका ध्यान खींचा था। 14 साल में उनका लुक और करियर दोनों पूरी तरह बदल गए हैं। बाल कलाकार से लेकर दमदार अभिनेता बनने तक का यह सफर मेहनत और प्रतिभा की मिसाल है। अब छोटू OTT प्लेटफॉर्म पर भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं और IMDb 9.1 रेटिंग वाली चर्चित सीरीज में हीरो के रूप में नजर आ रहे हैं।

Bharat Baani Bureau

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