07जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो): ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही एशेज 2025-26 सीरीज का आखिरी मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। इस मैच के चौथे दिन के खेल में जहांऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी पहली पारी में 567 रनों का स्कोर बनाने के साथ निपट गई तो वहीं इंग्लैंड टीम के ओपनिंग बल्लेबाजों से एकबार फिर से खराब शुरुआत देखने को मिली। इस दौरे पर जैक क्रॉली और बेन डकेट की ओपनिंग जोड़ी कोई भी कमाल दिखाने में कामयाब नहीं हो सकी। सिडनी टेस्ट में इंग्लैंड टीम की दूसरी पारी में जैक क्रॉली जहां एक रन बनाकर आउट हुए तो वहीं बेन डकेट 42 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए। इसी के साथ डकेट एक ऐसी अनचाही लिस्ट का हिस्सा बन गए जिसमें कोई भी बल्लेबाज शामिल नहीं होना चाहेगा।बेन डकेट इस मामले में बने टेस्ट क्रिकेट में 11वें खिलाड़ी
इंग्लैंड टीम के ओपनिंग बल्लेबाज बेन डकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया का ये दौरा किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं रहा। एशेज 2025-26 सीरीज में डकेट को सभी मैचों में खेलने का मौका मिला जिसमें वह 10 पारियों में एकबार भी 50 या उससे अधिक रन बनाने में कामयाब नहीं हो सके। इस तरह से बेन डकेट टेस्ट क्रिकेट इतिहास में टॉप-3 में 11वें ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जो किसी टेस्ट सीरीज जिसमें कम से कम 10 पारियों में एक भी फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने में कामयाब नहीं हो सके। इससे पहले पिछली बार ये शर्मनाक रिकॉर्ड साल 1991 में फिल सिमंस के नाम पर जुड़ा था, जो इंग्लैंड के दौरे पर 10 पारियों में एक भी 50 या उससे अधिक रनों की पारी खेलने में कामयाब नहीं हो सके थे। वहीं बेन डकेट एशेज सीरीज के इतिहास में इस शर्मनाक रिकॉर्ड को बनाने वाले अब तक के सिर्फ चौथे खिलाड़ी हैं, जिसमें उनसे पहले सिरिल वॉशब्रुक, जो एडरिच और किम ह्यूज ऐसा कर चुके हैं।
डकेट सिर्फ 20.2 के औसत से रन बनाने में हुए सफल
बेन डकेट जो पिछले कुछ सालों से इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उनके लिए ये दौरा एक तरीके से करियर को खत्म करने वाला भी बन सकता है। डकेट ने 5 मैचों की 10 पारियों में इस सीरीज में बल्लेबाजी की और सिर्फ 20.2 के औसत से 202 रन बनाने में ही सफल हो सके। डकेट के सर्वाधिक स्कोर को लेकर बात की जाए तो वह सिडनी टेस्ट मैच में इंग्लैंड टीम की दूसरी पारी में आए 42 रन ही उनका सर्वश्रेष्ठ रहा। वहीं उनके साथी खिलाड़ी जैक क्रॉली को लेकर बात की जाए तो उनका भी कुछ खास प्रदर्शन देखने को नहीं मिला जिसमें उन्होंने 10 पारियों में 27.3 के औसत से 273 रन बनाए।
सारांश:
टेस्ट क्रिकेट में 35 साल बाद एक ऐसा रिकॉर्ड टूट गया, जिसे कोई भी खिलाड़ी अपने नाम नहीं करना चाहता। यह अनचाहा इतिहास हाल ही में दर्ज हुआ, जिससे क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। इस रिकॉर्ड के टूटने ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
