0 7जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो): महिलाओं के शरीर में पूरे महीने में 4 बार बदलाव आते हैं। कई बार मूड स्विंगस् होते हैं तो कई बार क्रेविंग परेशान कर सकती है। इसका कारण शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव हैं। इसलिए महिलाओं को अपने अलग अलग फेज के हिसाब से डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए। जानिए पूरे महीने कैसे होना चाहिए महिलाओं का रुटीन?
न्यूट्रिशनिस्ट मालविका सहगल ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें वो महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलाव और उस वक्त डाइट को लेकर बता रही हैं।
महिलाओं के शरीर में बदलाव और उसके हिसाब से डाइट- एक्सरसाइज
1-5 दिन- जब आपको पीरियड्स होते हैं तो आपकी एनर्जी लो होने लगती है। इस वक्त कुछ महिलाओं को तेज दर्द, ब्लोटिंग और पेट फूलने की शिकायत रहती है। ऐसे में आपको अपना ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है। इस वक्त खाने में अनार, संतरा, कीवी जैसे फल खाएं जिससे आयरन और विटामिन सी मिलता रहे। सब्जियों में चुकंदर, पालक, शकरकंद और गाजर खाएं। गर्म सूप पीएं, दाल खाएं और हल्दी का दूध पीएं। पीरियड्स के वक्त आपको हल्का योगा, स्ट्रैचिंग, वॉक या ब्रेथ वर्कआउट करना चाहिए। जिससे शरीर पर बहुत ज्यादा प्रेशर न पड़े और आप खुद को एक्टिव रख पाएं।
6-11 वें दिन– फॉलिक्युलर फेज जिसे मासिक धर्म का पहला चरण कहा जाता है। इस समय एनर्जी हाई होती है और हार्मोन बैलेंस होते हैं। इस समय आपको खाने में सेब, बेरीज और नाशपाती जैसे फलों का सेवन करना चाहिए। सब्जियों में ब्रोकली, लेटस, खीरा और रंगबिरंगी शिमला मिर्च खानी चाहिए। इसके अलावा स्प्राउट्स, ओट्स और चिया सीड्स का सेवन करें। इस वक्त आपको कार्डियो करना चाहिए। साथ ही हल्की स्ट्रैचिंग वाली एक्सरसाइज, पिलाटे और डांस वर्कआउट को शामिल करना चाहिए।
12-16 वें दिन- ये ओवुलेशन पीरियड होता है। इस वक्त आपकी एनर्जी पीक पर होती है और आप खुद को कहीं ज्यादा शक्तिशाली महसूस करती हैं। इस समय में आपको तरबूज, आम और पाइनएप्पल खाना चाहिए। सब्जियों में पालक, टमाटर, शतावरी खानी चाहिए। ओमेगा-3 से भरपूर आहार, क्विनुआ, अंडे और अनाज खाना चाहिए। इस समय आपको HIIT, हैवी वेट ट्रेनिंग, जमकर कार्डियो और पावर योगा करना चाहिए।
17-28 वें दिन- इसे महीने का पीएमएस जोन कहा जाता है। इस समय आपको क्रेविंग, ब्लोटिंग और मूड डिप की समस्या हो सकती है। आपको खाने में केला, अंजीर और बेरीज शामिल करनी चाहिए। इसके साथ ही कद्दू, फूलगोभी, जुकिनी और हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। मूड ठीक करने के लिए डार्क चॉकलेट, मैग्नीशियम से भरपूर चीजें और हर्बल टी लेनी चाहिए। इस समय आपको लो इंपैक्ट स्ट्रैंथ, योगा और हल्की साइकलिंग करनी चाहिए। साथ ही लंबी वॉक भी कर सकते हैं।
सारांश:
महिलाओं की बॉडी में हार्मोनल बदलाव के कारण हर हफ्ते अलग-अलग तरह के शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं। ऐसे में पूरे महीने के अनुसार डाइट और वर्कआउट रुटीन अपनाना जरूरी होता है। पीरियड्स के दौरान हल्का व्यायाम, आयरन-रिच और आरामदायक आहार फायदेमंद होता है, जबकि मिड-साइकिल में एनर्जी ज्यादा होने पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और बैलेंस्ड डाइट बेहतर रहती है। सही समय पर सही खान-पान और एक्सरसाइज अपनाने से एनर्जी बनी रहती है, हार्मोन बैलेंस होते हैं और ओवरऑल हेल्थ में सुधार आता है।
