12 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : आमतौर पर बासी खाने को सेहत के लिए खराब माना जाता है, लेकिन गेहूं की बासी रोटी के मामले में यह बात थोड़ी अलग है। जानकारों और आयुर्वेद के अनुसार, 12-15 घंटे पहले बनी गेहूं की रोटी कुछ खास स्वास्थ्य समस्याओं में ताजी रोटी से भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। ऐसे में बासी रोटी का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन सवाल ये है कि बासी रोटी किन लोगों के लिए फायदेमंद होती है। यहां हम बताने जा रहे हैं किन लोगों को बासी रोटी का सेवन करना चाहिए।

डायबिटीज के मरीज

बासी रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) ताजी रोटी की तुलना में कम हो जाता है। इसमें ‘रजिस्टेंट स्टार्च’ (Resistant Starch) की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रक्त में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। सुबह के समय बासी रोटी को फीके ठंडे दूध में भिगोकर खाना डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए

बासी रोटी में सोडियम की मात्रा कम होती है और यह ठंडे दूध के साथ खाने पर शरीर के तापमान और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद कर सकती है। यह हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी सहायक है।

पाचन संबंधी समस्याएं

अगर आपको अक्सर एसिडिटी, गैस या कब्ज रहती है, तो बासी रोटी आपके लिए अच्छी है। इसमें फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है, जो पेट साफ करने में मदद करती है। यह आंतों में ‘गुड बैक्टीरिया’ (प्रोबायोटिक्स) को बढ़ावा देती है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है।

वजन कम करने में फायदेमंद

बासी रोटी में कैलोरी की मात्रा ताजी रोटी की तुलना में थोड़ी कम हो जाती है और फाइबर ज्यादा होने के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती। यह बार-बार खाने की आदत को रोकने में मदद करती है।

सारांश:
बासी रोटी कुछ खास लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, खासकर जिनको पाचन संबंधी समस्या, कब्ज या पेट की गर्मी रहती है। इसमें मौजूद फाइबर और नैचुरल प्रोबायोटिक गुण पाचन सुधारने, ब्लड शुगर संतुलित रखने और पेट को ठंडक देने में मदद कर सकते हैं।

Bharat Baani Bureau

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