19 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में नॉमिनल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान 10 से 10.5 फीसदी के बीच रह सकता है। बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण से इसका पता चलता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस महीने की शुरुआत में जारी जीडीपी वृद्धि के पहले अग्रिम अनुमान से संकेत मिलता है कि चालू वित्त वर्ष में नॉमिनल जीडीपी 8 फीसदी बढ़कर 357 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। वित्त वर्ष 2025 में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि 9.5 फीसदी रही थी। वित्त मंत्रालय अगले वित्त वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी की गणना करने के लिए पहले अग्रिम अनुमान को आधार के रूप में उपयोग करेगा। लेकिन सांख्यिकी मंत्रालय 27 फरवरी को वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी का दूसरा अग्रिम अनुमान 2022-23 के नए आधार वर्ष के साथ जारी करेगा, जिससे नॉमिनल जीडीपी की वृद्धि के लिए बजट अनुमान बदल सकता है।
वर्तमान बाजार मूल्य पर आंके गए नॉमिनल जीडीपी में मुद्रास्फीति के प्रभाव को ध्यान में नहीं रखा जाता है। इसका उपयोग ऋण-जीडीपी अनुपात, राजकोषीय घाटा और राजस्व वृद्धि जैसे महत्त्वपूर्ण वृहद आर्थिक संकेतकों की गणना के लिए आधार के रूप में किया जाता है।
वित्त वर्ष 2027 पहला वर्ष भी होगा जब केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे को परिचालन लक्ष्य के रूप में उपयोग करने की प्रथा से हटकर ऋण-जीडीपी अनुपात को प्राथमिक राजकोषीय लक्ष्य के रूप में अपनाएगी। नॉमिनल जीडीपी का उच्च अनुमान होने से वित्त मंत्री को जीडीपी के मुकाबले ऋण का कम या ज्यादा अनुपात दिखाना आसान हो सकता है। कम मुद्रास्फीति के कारण चालू वित्त वर्ष में नॉमिनल जीडीपी की वृद्धि दर 8 फीसदी रहने का अनुमान है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘मुद्रास्फीति के निचले स्तर से बढ़ने के साथ डिफ्लेटर लगभग 2.5 से 3 फीसदी रहने की उम्मीद है। परिणामस्वरूप अगले वित्त वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर अधिक रहने का अनुमान है।’ सबनवीस को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि 10 से 10.1 फीसदी रह सकती है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि जनवरी से मार्च 2026 में मुद्रास्फीति 3 फीसदी की ओर बढ़ेगी क्योंकि आधार प्रभाव का असर कम हो जाएगा और सूचकांक सामान्य हो जाएंगे।
वित्त वर्ष 2027 में 10.1 फीसदी नॉमिनल जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाते हुए केयरएज के एक विश्लेषण में कहा गया है, ‘अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बावजूद घरेलू बुनियादी सिद्धांत काफी हद तक मजबूत बने हुए हैं। वित्त वर्ष 2027 में खुदरा मुद्रास्फीति औसतन 4 फीसदी रहने की उम्मीद है।’
क्वांटइको रिसर्च के अर्थशास्त्री विवेक कुमार को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में नॉमिनल जीडीपी बढ़कर 10.4 फीसदी हो जाएगी जिसका मुख्य कारण मुद्रास्फीति का सामान्य होना है। कुमार ने कहा, ‘अगले वित्त वर्ष में थोक और खुदरा, दोनों मुद्रास्फीति 3.5 से 4 फीसदी के दायरे में रहने की उम्मीद है।’
सारांश
Budget 2026 से पहले नॉमिनल GDP की वृद्धि दर में तेजी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 10.5% तक पहुंच सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं।
