20 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक माफी की मांग की है। खैरा ने कहा है कि आम आदमी पार्टी और वित्त मंत्री हरपाल चीमा द्वारा पहले लगाए गए आरोपों से अब पूरी तरह पलटी मार ली गई है, जिससे सिख समुदाय को गुमराह किया गया।
खैरा का कहना है कि बंगा के पास स्थित राजा साहिब धार्मिक स्थल से गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 सरूपों के लापता होने के मामले में AAP सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस अत्यंत संवेदनशील धार्मिक मुद्दे पर पहले गलत जानकारी फैलाई और अब खुद ही अपने बयानों से पीछे हट रही है।
‘सिख समुदाय को गुमराह किया गया’
सुखपाल सिंह खैरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि आम आदमी पार्टी सरकार इस मामले को सुलझाने को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह पिछले चार वर्षों में बरगाड़ी और बेहबल कलां गोलीकांड में न्याय को टालने का काम किया गया, उसी तरह इस मुद्दे को भी ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
खैरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि वे सिख समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, क्योंकि गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़ा मामला केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि गहरी धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है।
AAP सरकार पर फिर उठे गंभीर सवाल
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि बयान बदलना और आरोपों से पीछे हटना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो सिख धार्मिक मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और न ही न्याय देने के प्रति ईमानदार।
इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
सारांश:
पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब जी के सरूप से जुड़े विवाद को लेकर AAP सरकार घिरी हुई है। भाजपा नेता सुखपाल सिंह खैरा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और कार्रवाई की मांग की है।
