20 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द ही पाकिस्तान का दौरा करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है, जब पाकिस्तान एक तरफ अमेरिका से रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ चीन के साथ सहयोग को और गहरा करने पर जोर दे रहा है. कुछ दिन पहले ही चीन ने पाकिस्तान की क्लास लेते हुए कहा था कि वो चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का काम टाइम पर कर दे, वरना चीन को उसे पैसे देने के बारे में सोचना होगा.
इस्लामाबाद में सोमवार को आयोजित पाक-चीन इंवेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि शी जिनपिंग की यात्रा का मुख्य फोकस चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) 2.0 होगा. उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय बताया है. उनके मुताबिक CPEC 2.0 के तहत कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खनन, खनिज और युवाओं के विकास जैसे सेक्टर्स पर फोकस किया जाएगा.
चीन के राष्ट्रपति क्यों आ रहे हैं पाकिस्तान?
शहबाज शरीफ के मुताबिक बेहतर पैदावार, कम लागत और उच्च गुणवत्ता के जरिए पाकिस्तान को कृषि क्षेत्र में ट्रेड सरप्लस हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए, जिसमें चीनी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि चीन द्विपक्षीय कार्य योजनाओं के तहत पाकिस्तान के साथ सहयोग बढ़ा रहा है और आगे भी समर्थन जारी रखने के संकेत दिए हैं.
क्या अमेरिका के तलवे चाट रहे पाकिस्तान को चीन देगा झटका?
हालांकि शी जिनपिंग के दौरे का सिर्फ इतना ही मकसद नहीं है. शी जिनपिंग का यह संभावित दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संपर्क तेज हुआ है. इसमें पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की वॉशिंगटन में उच्चस्तरीय मुलाकातें और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की खबरें शामिल हैं. यहां तक कि स्विटजलैंड में हो रहे आर्थिक सम्मेलन में एक बार फिर से शहबाज-मुनीर की ट्रंप से मीटिंग की खबरें भी आ रही हैं. ऐसे में चीन पाकिस्तान को याद दिलाएगा कि उसका ‘सदाबहार’ दोस्त कौन है?
CPEC को लेकर पाक को हड़का चुका है चीन
हालांकि, चीन-पाकिस्तान रिश्तों में कुछ समस्याएं भी आई हैं. बीजिंग में हाल ही में हुई चीन-पाकिस्तान रणनीतिक वार्ता के दौरान पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हमलों का मुद्दा उठाया. उसने साल 2014 से अब तक CPEC और अन्य परियोजनाओं पर काम कर रहे करीब 90 चीनी नागरिकों की पाकिस्तान में हत्या हो चुकी है. इतना ही नहीं चीन ने पाकिस्तान को परियोजना के धीमे काम को लेकर भी हड़काया था और कहा था कि वो समय पर डिलीवरी करे, वरना चीन को अपने निवेश के बारे में सोचना पड़ेगा.
पाकिस्तान में अपनी सेना भेजेगा चीन
चीन की ओर से एक बड़ा और संवेदनशील फैसला भी लिया गया है. पाकिस्तान ने चीन को अपने यहां चीनी सिक्योरिटी पोस्ट यानी इनर-पोस्ट स्थापित करने की अनुमति देने पर सहमति जताई है. इसे दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के साथ एक गोपनीय समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसके तहत चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट्स बनाई जाएंगी, जो खास तौर पर CPEC और उससे जुड़े प्रोजेक्ट्स पर तैनात होंगी.
सारांश:
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पाकिस्तान पहुंचेंगे और वहां शहबाज शरीफ और मुनीर से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही वे ट्रंप के साथ हलाल को लेकर बातचीत कर चुके हैं और CPEC परियोजना पर भी चर्चा कर चुके हैं।
