चंडीगढ़ 21 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विस्तृत जवाब दाखिल करते हुए खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एन.एस.ए) के तहत की गई नजरबंदी को पूरी तरह जायज ठहराया है।
सरकार ने अदालत को बताया कि खुफिया सूचनाएं, पुलिस रिकॉर्ड और ठोस घटनाएं साफ तौर पर यह दर्शाती हैं कि अमृतपाल सिंह की गतिविधियां केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं थीं, बल्कि पंजाब की शांति, सार्वजनिक सुरक्षा और देश की अखंडता के लिए भी गंभीर खतरा थीं। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया। हालांकि, पीठ ने जवाब को रिकॉर्ड पर ले लिया, लेकिन इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार ने यह जवाब पहले दाखिल नहीं किया था। जबकि मामले का फैसला पहले ही हो चुका था। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के प्रति लापरवाही मानते हुए पंजाब सरकार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
सारांश:
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में पंजाब सरकार द्वारा समय पर जवाब दाखिल न करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि बार-बार समय लेने के बावजूद संतोषजनक जवाब न देना न्याय प्रक्रिया में बाधा है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों को भी समयसीमा का पालन करना होगा और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सरकार तय समय में अपना जवाब दाखिल करे, अन्यथा आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस आदेश को प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
