05फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। जिसका सबसे कारण जागरुकता की कमी है। विश्व कैंसर दिवस के मौके पर सर्वाइकल कैंसर के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए NOVANEO हॉस्पिटल और दिल्ली कैंसर अस्पताल तेरापंथ के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर की जांच का कैम्प आयोजित किया। इस कैंप में एक साथ 500 महिलाओं का टेस्ट कर एक रिकॉर्ड बनाया गया। कैंप में हर उम्र की महिलाओं की टेस्टिंग की गई और साथ ही सर्वाइकल कैंसर के वैक्सीन के बारे में लोगों को जागरुक किया गया। 

सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीन किस उम्र में लगवाया जाता है?

आपको बता दें 9 साल से लेकर 27 साल तक की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीन दिलवाते हैं तो इस बीमारी का खतरा नहीं के बराबर होगा। उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं भी सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीन ले सकती हैं। अलग-अलग उम्र के हिसाब से डोज कम ज्यादा हो सकती हैं। डॉक्टर प्रवीन जैन (सीनियर कैंसर स्पेशलिस्ट, दिल्ली कैंसर अस्पताल) ने बताया किसी भी कैंसर के लक्षण जितनी जल्दी पकड़ में आ जाते हैं कैंसर को उतना जल्दी ट्रीट किया जा सकता है। इससे आपके ठीक होने की प्रोबेबिलिटीज काफी बढ़ जाती है। 

सर्वाइकल कैंसर कैसे होता है?

सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस की वजह से फैलता है। ये ऐसा कैंसर हो जो इंफेक्शन से होता है। करीब 80% महिलाओं के अंदर ये इंफेक्शन होता है लेकिन हमारी बॉडी उसको अपने आप क्लियर कर देती है। जिन फीमेल्स के अंदर यह वायरस का इंफेक्शन पर्सिस्ट करता है। उनके अंदर पहली स्टेज होती है कि वो प्री कैंसरस चेंजेस डेवलप होते हैं। फिर उसके बाद में कैंसर बन जाता है। इसके लिए पैप स्मीयर टेस्ट होता है जिससे सर्वाइकल कैंसर को जल्दी डिटेक्ट किया जा सकता है। अगर किसी में कैंसर होने की संभावना होती है तो उसे उसी वक्त ट्रीट करके ठीक किया जा सकता है।

क्या सर्वाइकल कैंसर जेनेटिक है?

डॉक्टर ने बताया कोई ऐसा जेनेटिक या कोई जींस के कारण या हेरिडिटरी हो ऐसा सर्वाइकल कैंसर के मामले में नहीं होता है। ये क्योंकि ह्यूमन पेपिलोमा वायरस है। ये यूजुअली जो फीमेल सेक्सुअली एक्टिव होती हैं तो उनके अंदर ये ह्यूमन पेपिलोमा वायरस का इंफेक्शन होता है और उसी की वजह से ये सर्वाइकल कैंसर डेवलप होता है। 

क्या खराब लाइफस्टाइल से सर्वाइकल कैंसर होता है?

सर्वाइकल कैंसर इंफेक्शन की वजह से होता है। इसका मॉडर्न लाइफस्टाइल से कोई लेना देना नहीं है। हां अंगर किसी महिला के एक से ज्यादा सेक्स पार्टनर हैं तो उनके अंदर इसका पॉसिबिलिटी ज्यादा होता है। जबकि एक सिंगल पार्टनर में इसका खतरा कम होता है। 

सर्वाइकल कैंसर का टेस्ट कैसे किया जाता है?

सर्वाइकल कैंसर के लिए किया जाने वाला पैप स्मीयर टेस्ट काफी आसान टेस्ट है। ये बहुत इफेक्टिव टेस्ट है क्योंकि ये आपके कैंसर को बहुत अर्ली स्टेज में डिटेक्ट कर सकता है। पेनलेस टेस्ट है और सिर्फ 5 मिनट का टाइम लगता है। हर महिला जो 30 साल से ऊपर की उम्र में है उनको हर 3 साल पे ये पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए। यह 65 साल की उम्र तक होना चाहिए, लेकिन 65 साल से ऊपर की महिलाएं भी इसे करा सकती हैं।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण? 

अगर रिलेशन बनाने के बाद ब्लीडिंग हो रही है या वजाइना से गंदा पानी आ रहा है या फिर किसी को पेट के निचले हिस्से में दर्द हो रहा है जिसे आप सही से समझ नहीं पा रहे हैं। तो ये लक्षण सर्वाइकल कैंसर के हो सकते हैं। 

सर्वाइकल कैंसर में वैक्सीन कितना असरदार है?

हमारी भारत सरकार इस कोशिश में लगी हुई है कि किसी तरह सभी को ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के लिए वैक्सीन दिया जाए। क्योंकि यही एक तरीका है जिससे कि हम लोग सर्वाइकल कैंसर मुक्त भारत बना सकते हैं। 9 से 26 साल की उम्र के अंदर हमारी गाइडलाइंस रेकमेंड करती है कि सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीन होना चाहिए। जिसमें WHO के मुताबिक 15 साल या उससे कम के बच्चे हैं तो उसके अंदर दो डोज लगती है और 15 साल से ऊपर में तीन डोज़ लगती है। अगर हम वैक्सीनेशन 9 से 26 साल की उम्र में कर रहे हैं तो इसका 95% प्रोटेक्शन होता है। अगर 26 साल से 44 साल की उम्र में कर रहे हैं तो उसका 45% प्रोटेक्शन होता है सर्वाइकल कैंसर को प्रिवेंट करने के लिए।

सारांश:
सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए पप स्मियर टेस्ट या HPV टेस्ट कराया जाता है। HPV वैक्सीन इससे बचाव में बहुत असरदार है और इसे आमतौर पर 9–26 साल की उम्र में लगवाना सलाह दी जाती है। समय पर टेस्ट और वैक्सीन कैंसर से सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं

Bharat Baani Bureau

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