09 फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : AIMIM के नेता और विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने निजामाबाद में एक सभा में कहा कि यह देश सबका है। इस मुल्क पर जितना हक तिलक लगानेवालों का है उतना ही हक टोपी पहनने वालों का भी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ना हम कुरान छोड़ेंगे और ना हम हिंदुस्तान छोड़ेंगे।
यह मुल्क सबका है: अकबरूद्दीन ओवैसी
अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह मुल्क किसी की जागीर नहीं है। यह मुल्क सबका है। यह मुल्क हमारा था हमारा है, हमारा था और हमारा रहेगा। इस मुल्क के लिए हमने भी कुर्बानियां दी। हभी सूली पर चढ़े। ये मुल्क सबका है। आज मुल्क में बात होती है तो बस हिंदु-मुस्लिम की। अकबरूद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस मुल्क का मसला क्या सिर्फ हिंदु-मुस्लिम है। ओवैसी ने कहा- ऐ नादानों इस मुल्क का सबसे बड़ा मसला बेरोजगारी है, इस मुल्क का सबसे बड़ा मसला महंगाई है, यहां घरों पर छत नहीं है, सबसे बड़ा मसला ये है कि पीने का साफ पानी नहीं है, कई घरों में बिजली नहीं है।
बता दें कि अकबरुद्दीन ओवैसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के वरिष्ठ नेता हैं। वे इस पार्टी के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी के भाई हैं। वे हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार छह बार (1999, 2004, 2009, 2014, 2018 और 2023) विधायक चुने गए हैं। फिलहाल वे विधानसभा में AIMIM के ‘फ्लोर लीडर’ हैं। वर्ष 2023 में उन्हें तेलंगाना विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर भी नियुक्त किया गया था।
’15 मिनट’ वाला बयान
उनका ’15 मिनट’ वाला बयान काफी विवादों में रहा था। दिसंबर 2012 में आदिलाबाद में एक भाषण में उन्होंने कहा था कि “अगर 15 मिनट के लिए पुलिस हटा ली जाए, तो 25 करोड़ मुसलमान दिखा देंगे कि वे 100 करोड़ हिंदुओं के मुकाबले कितने ताकतवर हैं।” इस बयान पर काफी बवाल हुआ था। उनके खिलाफ हेड स्पीच के कई मामले दर्ज हुए थे और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
सारांश:
निजामाबाद में अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि गाने वालों जितना हक, उतना ही टोपी पहनने वालों का भी होना चाहिए। उनका यह तंज सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की बराबरी पर ध्यान आकर्षित करता है और स्थानीय जनमानस में चर्चा का विषय बन गया है।
