12फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : महाशिवरात्रि 2026 का व्रत 15 फरवरी को है। इस दिन भोलेनाथ के भक्त पूरे दिन रात पूजा अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग पढ़ा हुआ बेलपत्र खाने से कई रोग दूर हो जाते हैं। कुछ लोग महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चढ़ाए हुए बेलपत्र खाते भी हैं। बेल ऐसा पेड़ है जिसका फल, पत्ते और तने का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है। बेलपत्र को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके पत्ते और फल दोनों का इस्तेमाल कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। आइये जानते हैं शिवलिंग चढ़ा बेलपत्र खाने से क्या फायदे मिलते हैं।
बेलपत्र खाने के फायदे (Eating Baelpatra Benefits)
पेट के लिए अमृत समान- बेलपत्र खाने से पेट की समस्याएं दूर होती हैं। बेल के पत्तों से बना काढ़ा कब्ज की समस्या को दूर भगाने में मदद करता है। बेलपत्र चबाकर खाने से गैस एसिडिटी की समस्या कम होती है। बेल के पत्तों में मौजूद फाइबर पेट साफ करता है।
हार्ट के लिए फायदेमंद- बेलपत्र में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हार्ट को बीमारियों से बचा सकते हैं। रोजाना कुछ बेलपत्र खाने से दिल को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
खांसी में फायदेमंद- बेलपत्र का इस्तेमाल खांसी को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। इसे खाने से कफ निकल जाता है और खांसी में आराम मिलता है। सांस लेने में राहत मिलती है।
बालों के लिए फायदेमंद- बेल के पत्ते का पाउडर बनाकर इसे नारियल के तेल में मिलाकर लगाने से बालों की ग्रोथ अच्छी होती है। इस तेल से सिर की मालिश करना बालों के विकास को बढ़ावा देता है। इससे बालों को पोषण मिलता है।
चेहरे के लिए बेल- बेल के फल में निकलने वाले गूदे का इस्तेमाल फेस पैक के रूप में किया जाता है। बेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो सूजन को घटाने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल फोड़े या बिलनी को सही करने के लिए भी किया जाता है।
बेलपत्र कैसे खाएं (How To Eat Bel Patra)
बेलपत्र को आप ऐसे पत्तों की चरह चबाकर खा सकते हैं। पत्तों को खाने से पहले साफ पानी से धो लें। आप चाहें तो बेलपत्र की चाय या काढ़ा बना कर भी पी सकते हैं। कुछ लोग बेलपत्र को शहद के साथ मिलाकर भी खाते हैं।
सारांश :
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना एक प्राचीन और पवित्र परंपरा है। आयुर्वेद और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र न केवल भगवान शिव को प्रिय है बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। इसे खाने या उपयोग करने से मानसिक शांति, पाचन सुधार और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने में मदद मिलती है। इस परंपरा का उद्देश्य भक्ति के साथ-साथ स्वास्थ्य और आत्मिक लाभ भी प्राप्त करना है।
