16 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : आइसक्रीम बनाने वाली कंपनी क्वालिटी वॉल्स इंडिया लिमिटेड के शेयर सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में लिस्ट हो गए। हालांकि, कंपनी के शेयरों की शुरुआत अच्छी नहीं रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) से आइसक्रीम बिजनेस के अलग होने के बाद क्वालिटी वॉल्स के शेयर डिस्कवर्ड प्राइस के मुकाबले करीब 26 प्रतिशत की गिरावट के साथ लिस्ट हुए। एनएसई पर क्वालिटी वॉल्स के शेयर 29.80 रुपये पर लिस्ट हुए, जो 40.20 रुपये के डिस्कवर्ड प्राइस से 25.87 प्रतिशत कम है। इसी तरह, बीएसई पर आइसक्रीम कंपनी के शेयर 29.90 रुपये पर लिस्ट हुए, जो 38.15 रुपये के डिस्कवर्ड प्राइस से 21.6 प्रतिशत कम है। 

स्वतंत्र और लिस्टेड कंपनी बनी क्वालिटी वॉल्स इंडिया लिमिटेड

हालांकि, लिस्टिंग के बाद इसमें कुछ सुधार आया और कंपनी के शेयर एनएसई पर 4.93 प्रतिशत और बीएसई पर 4.58 प्रतिशत चढ़कर 31.27 रुपये के भाव पर पहुंच गए। बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 7373.02 करोड़ रुपये और एनएनई पर इसका मार्केट कैप 7333.07 करोड़ रुपये रहा। क्वालिटी वॉल्स इंडिया लिमिटेड ने सोमवार को देश के दोनों प्रमुख शेयर बाजार एक्सचेंजों पर अपनी सफल लिस्टिंग की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के आइसक्रीम बिजनेस के अलग होने के बाद स्वतंत्र, सार्वजनिक रूप से लिस्टेड कंपनी के रूप में ये एक अहम उपलब्धि है। 

 द मैग्नम आइसक्रीम कंपनी के पास है क्वालिटी वॉल्स की 61.9 प्रतिशत हिस्सेदारी

बताते चलें कि राष्ट्रीय कंपनी विधि प्राधिकरण (NCLT) से मंजूरी मिलने के बाद दिसंबर 2025 से ये डीमर्जर प्रभावी हुआ। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि इस प्रक्रिया के तहत 5 दिसंबर, 2025 की रिकॉर्ड डेट तक हिंदुस्तान यूनिलीवर के प्रत्येक शेयर के बदले शेयरहोल्डरों को क्वालिटी वॉल्स का एक शेयर मिला है। बताते चलें कि हिंदुस्तान यूनिलीवर की पैरेंट कंपनी, यूनिलीवर का हिस्सा रही ‘द मैग्नम आइसक्रीम कंपनी’ के पास क्वालिटी वॉल्स इंडिया लिमिटेड में 61.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो इसकी पैरेंट कंपनी भी बन गई है। द मैग्नम आइसक्रीम कंपनी, दुनिया की सबसे बड़ी आइसक्रीम बनाने वाली कंपनी है।

सारांश:
आइसक्रीम निर्माता कंपनी Quality Walls के शेयरों ने शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत की है। कंपनी के शेयर 30% डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया मिलीजुली रही। मार्केट विश्लेषकों के अनुसार, IPO के शुरुआती दिन शेयर की धीमी परफॉर्मेंस आम है, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी के ब्रांड और बिक्री वृद्धि के आधार पर शेयर की स्थिति सुधर सकती है।

Bharat Baani Bureau

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