18 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) ने बठिंडा जिले के जियांद और चौके गांवों के किसानों पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए कथित झूठे केस रद्द करवाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। यूनियन के मुताबिक, ये केस जियांद गांव में 700 एकड़ से ज्यादा जमीन के विवाद से संबंधित है, जिसमें किसानों को गैर-कानूनी तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। अपने हक की रक्षा के लिए, प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के नेतृत्व में किसानों ने बठिंडा में एक बड़ी मीटिंग करने का ऐलान किया है।
किसानों के इस शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने लोकतांत्रिक मूल्यों को नजरअंदाज करते हुए तपा मंडी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। बरनाला पुलिस ने किसानों का रास्ता रोकने के लिए हाई-टेक चेकपॉइंट बनाकर तीन लेवल का बैरिकेड लगा दिया है। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए न सिर्फ सैकड़ों कर्मचारी तैनात किए गए हैं, बल्कि मिट्टी से भरे टिप्पर, आंसू गैस के गोले, फायर ब्रिगेड और गिरफ्तारी के लिए स्पेशल बसों का भी इंतज़ाम किया गया है।
किसान संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनके साथियों पर लगे गैर-कानूनी केस रद्द नहीं हो जाते, तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। इस समय तपा मंडी का माहौल पूरी तरह से गरम है क्योंकि एक तरफ किसान अपने हक की मांग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उन्हें रोकने के लिए पुलिस की एक बड़ी फौज खड़ी है।
सारांश:
पुलिस ने किसानों को हाईवे पर रोकने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी है। इसके तहत हाईवे पर घेरा लगाया गया है, अश्रु गैस के गोले तैयार रखे गए हैं और संभावित गिरफ्तारियों के लिए बसें तैनात की गई हैं। यह कदम किसानों के आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
