27 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अंजीर (Fig) एक ऐसा ड्राईफ्रूट है जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खज़ाना माना जाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि अंजीर को भिगोकर खाना चाहिए या बिना भिगोए। अगर आप भी इस ड्राईफ्रूट को कैसे खाएं, इसे लेकर असंजस की स्थिति इ रहते हैं तो चलिए हम आपको बताते हैं इसे खाने का सही तरीका?
कैसे खाना चाहिए अंजीर?
सूखा अंजीर फाइबर से भरपूर होता है, इसलिए सीधे खाने पर कुछ लोगों को गैस या भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए अंजीर को हमेशा भिगोकर खाना चाहिए। 6–8 घंटे पानी में भिगोने से यह नरम हो जाता है और पाचन आसान हो जाता है।भिगोया हुआ अंजीर शरीर में पोषक तत्वों (आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम) के अवशोषण में मदद करता है। साथ ही कब्ज की समस्या में सुबह खाली पेट भिगोया अंजीर ज्यादा असरदार माना जाता है।इसलिए अंजीर को भिगोकर खाना बेहतर विकल्प है, खासकर अगर पाचन कमजोर हो।
अंजीर के स्वास्थ्य लाभ:
- बेहतर पाचन तंत्र: अंजीर में भरपूर फाइबर होता है, जो कब्ज, गैस और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है।
- मजबूत हड्डियां: कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत होने के कारण, अंजीर हड्डियों की डेंसिटी बढ़ाता है और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करता है।
- हृदय स्वास्थ्य: पोटैशियम की अधिकता और सोडियम की कमी के कारण, अंजीर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
- वजन प्रबंधन: हाई फाइबर युक्त होने के कारण, यह भूख को कम करता है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है, जो वजन कम करने में मदद कर सकता है।
- ग्लोइंग स्किन और बाल: एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा को पोषण देते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं।
कितना और कब खाएं?
रोज 1–2 अंजीर खाना पर्याप्त हैं।रात में एक या दो अंजीर को भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट इसे खाएं और इसका पानी पिएं।डायबिटीज़ के मरीज मात्रा नियंत्रित रखें, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर होती है
सारांश:
अंजीर एक पोषक तत्वों से भरपूर ड्राई फ्रूट है जो सेहत के लिए कई फायदे देता है। इसे सीधे खाने या पानी में भिगोकर खाने दोनों तरीके प्रचलित हैं। भिगोकर खाने से अंजीर में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स का अवशोषण बढ़ता है, जिससे पाचन, हृदय स्वास्थ्य और ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद मिलती है। वहीं, सूखा अंजीर भी ऊर्जा और पोषण का अच्छा स्रोत है। सही तरीका आपके स्वास्थ्य और जरूरत पर निर्भर करता है।
