27 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को शराब नीति मामले में दोषमुक्त कर दिया। राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों के खिलाफ मामला भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि सीबीआई की आरोपपत्र में कई खामियां थीं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। अदालत ने कहा, “आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था।” सीबीआई पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार की अब रद्द हो चुकी शराब नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही थी। दोषमुक्त होने के बाद केजरीवाल रोने लगे। उन्हें संभालने वाले मनीष सिसोदिया की आंखें भी छलक आईं।

दिल्ली शराब घोटाला मामले की देखें पूरी टाइमलाइन 

  • अक्टूबर 2023: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तत्कालीन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति मामले में पहला समन जारी किया। 
  • 2 नवंबर 2023: केजरीवाल ने ईडी के पहले समन को अनदेखा करते हुए मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक राजनीतिक रैली में भाग लिया।
     
  • दिसंबर 2023: केजरीवाल ने ईडी के दूसरे समन को भी अनदेखा कर दिया और इसे “अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया।
     
  • जनवरी 2024: केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साजिश का आरोप लगाते हुए ईडी के तीसरे समन को भी अनदेखा कर दिया।
     
  • 18 जनवरी 2024: ईडी ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए पेश होने हेतु चौथा समन जारी किया।
     
  • 2 फरवरी 2024: केजरीवाल ने ईडी के पांचवें और उसके बाद के छठे समन को भी अनदेखा कर दिया, क्योंकि उनकी कानूनी टीम ने समन की वैधता पर सवाल उठाए थे।
     
  • 16 मार्च, 2024: सत्र न्यायालय ने केजरीवाल को ईडी द्वारा दायर दो शिकायतों पर जमानत दे दी, जिसमें उन पर समन का पालन न करने का आरोप था।
     
  • 21 मार्च 2024: केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में ईडी के समन को चुनौती दी, जिसने उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया।
     
  • 21 मार्च 2024: केजरीवाल ने दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील की।
     
  • 21 मार्च 2024: ईडी के नौ समन में हाजिर न होने के बाद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
     
  • 10 मई 2024: सर्वोच्च न्यायालय ने केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत दे दी, जिससे उन्हें लोकसभा चुनाव प्रचार करने की अनुमति मिल गई।
     
  • 1 जून 2024: केजरीवाल ने दिल्ली की एक अदालत में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दी।
     
  • 2 जून 2024: केजरीवाल ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।
     
  • 5 जून 2024: दिल्ली की अदालत ने चिकित्सकीय आधार पर केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
     
  • 20 जून 2024: दिल्ली की अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को नियमित जमानत दे दी।
     
  • 21 जून 2024: ईडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की, जिसने केजरीवाल की रिहाई पर रोक लगा दी।
     
  • 26 जून 2024: केजरीवाल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया।
     
  • 5 सितंबर, 2024: केजरीवाल की गिरफ्तारी और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जमानत नामंजूर किए जाने को चुनौती देने वाली उनकी जमानत याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
     
  • 13 सितंबर, 2024: सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए केजरीवाल को जमानत दे दी।
     
  • 22 जनवरी, 2026: दिल्ली की अदालत ने उन्हें ईडी के दो मामलों में बरी कर दिया।
     
  • 27 फरवरी, 2026: दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल को क्लीन चिट दे दी।

सारांश:
केजरीवाल और सिसोदिया ने पहले जेल की सजा झेली और कई तानों व आलोचनाओं का सामना किया। मामले की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें दोषमुक्त करार दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में उनके राजनीतिक विरोधियों और मीडिया में बहसें चलीं। अब दोषमुक्ति के साथ उनकी साख और छवि मजबूत हुई है। टाइमलाइन में जेल से लेकर दोषमुक्ति तक की घटनाओं ने इस पूरे मामले को जनता और मीडिया के लिए चर्चा का विषय बनाया।

Bharat Baani Bureau

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