06 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी के चलते गुरुवार को भारतीय एयरलाइनों की कुल 281 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है और यात्रियों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दरअसल, अमेरिका, इज़राइल और ईरान से जुड़े क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर व्यापक असर पड़ा है और कई उड़ानों को रद्द या स्थगित करना पड़ा है

उड़ानों की स्थिति की नियमित रूप से जांच करते रहें

खबर के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी देते हुए बताया कि 5 मार्च तक संचालित होने वाली भारतीय एयरलाइनों की कुल 281 उड़ानें रद्द की गई हैं। मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति की नियमित रूप से जांच करते रहें और एयरलाइनों की ओर से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर भेजे जा रहे अपडेट पर ध्यान दें। यात्रियों की मदद के लिए मंत्रालय ने Passenger Assistance Control Room (PACR) भी सक्रिय कर दिया है। 1,461 शिकायतों का समाधान

मंत्रालय के अनुसार, AirSewa, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और हेल्पलाइन कॉल्स के माध्यम से अब तक 1,461 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। यह प्रक्रिया एयरलाइनों और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से पूरी की गई है। सहायता के लिए यात्री मंत्रालय की PACR हेल्पलाइन 011-24604283 और 011-24632987 पर संपर्क कर सकते हैं। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि मध्य पूर्व संकट के कारण मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के हवाई अड्डों से संचालित कम से कम 170 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें गुरुवार को रद्द कर दी गईं।

जेद्दा और मस्कट के लिए उड़ान सेवाएं फिर से शुरू

एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा कि फिलहाल सऊदी अरब और ओमान के ऊपर का हवाई क्षेत्र खुला हुआ है और इसे सुरक्षित माना जा रहा है। इसी के मद्देनजर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा और मस्कट के लिए उड़ान सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। इसके अलावा एयर इंडिया समूह ने यह भी घोषणा की है कि दुबई, मस्कट और रास अल खैमाह के लिए गुरुवार और शुक्रवार को अतिरिक्त विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी। हालांकि, इन उड़ानों का संचालन स्लॉट उपलब्धता और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। वहीं, पश्चिम एशिया के कई अन्य देशों के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद रहने के कारण एयर इंडिया समूह की उस क्षेत्र के अन्य गंतव्यों के लिए निर्धारित उड़ान सेवाएं 10 मार्च 2026 तक निलंबित रहेंगी।

अकासा एयर की फ्लाइट 7 मार्च 2026 तक निलंबित

अकासा एयर ने यह भी स्पष्ट किया है कि अबू धाबी, दोहा, रियाद और कुवैत के लिए उसकी उड़ान सेवाएं 7 मार्च 2026 तक निलंबित रहेंगी। इस बीच, मध्य पूर्व और अन्य देशों की कुछ एयरलाइनों ने फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए सीमित संख्या में विशेष उड़ानें संचालित करना शुरू कर दिया है।

संघर्ष का प्रभाव भारतीय एयरलाइनों पर अपेक्षाकृत अधिक होगा!

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस संघर्ष का प्रभाव भारतीय एयरलाइनों पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ सकता है, क्योंकि उनकी उड़ानों का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व के मार्गों पर निर्भर करता है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन एयरलाइनों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का अनुपात अधिक है, वे इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य पूर्व वैश्विक हवाई यात्रा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे प्रमुख एयरपोर्ट यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों के बीच यात्रियों को जोड़ने वाले बड़े ट्रांजिट हब के रूप में काम करते हैं।

सारांश:
मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते भारतीय एयरलाइनों की 281 अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों की सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हवाई यात्रा की स्थिति पर अपडेट्स देती रहेगी। यात्रियों को अपने ट्रैवल प्लान के अनुसार एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

Bharat Baani Bureau

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