12 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय क्रिकेट टीम ने 8 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में 96 रनों से जीत हासिल करने के साथ तीसरी बार इस खिताब को अपने नाम किया। इस मेगा इवेंट के लिए जब टीम इंडिया के स्क्वाड का ऐलान किया गया था तो कुछ खिलाड़ियों की जगह पक्की मानी जा रही थी, वहीं कुछ को लेकर संदेह था। इसी में एक नाम विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा का शामिल था जो टूर्नामेंट के लिए नहीं चुने गए थे। अब जितेश ने ना चुने को लेकर बड़ा बयान भी दिया है, जिसमें उन्होंने ये माना कि वह निराश हुए थे, लेकिन उस समय उनके परिवार को भी उनकी काफी जरूरत थी।
मैं भी इंसान हूं मुझे भी बुरा लग सकता है
जितेश शर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए बयान में कहा कि जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ और मुझे अपने चयन ना होने की खबर मिली तो मैं थोड़ा निराश हुआ था। मैं भी इंसान हूं और मुझे भी बुरा लग सकता है। हालांकि समय आगे बढ़ने के साथ मेरा ये दुख भी कम हो होता गया। इसी दौरान एक फरवरी को मेरे पिताजी का निधन हो गया, उस दौरान मैं उनके साथ 7 दिन तक रहा था। उस समय मुझे एहसास हुआ कि वर्ल्ड कप से ज्यादा मेरे पिताजी और परिवार को मेरी जरूरत थी। उसके बाद मुझे किसी के लिए दुख या पछतावा नहीं नहीं हुआ और ना ही मैं किसी से नाराज हूं।
जब आप अपने पिता को खो देते हैं तो इसका एहसास आपको कुछ दिन बाद होता है
पिता के निधन को लेकर जितेश शर्मा ने आगे कहा कि मैं उस बात को भूल नहीं सकता और भूलना भी नहीं चाहता, क्योंकि अब वह हमारे बीच नहीं हैं। जब आप अपने पिता को खो देते हैं, तो कुछ दिनों बाद आपको एहसास होता है कि बड़े बेटे के रूप में अब परिवार में फैसले लेने की जिम्मेदारी अब आपकी है। मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो उनके सामने अपनी भावनाएं नहीं दिखा सकता और उनके सामने कमजोर नहीं पड़ सकता। अगर पिताजी आज जीवित होते, तो वह मुझसे कहते कि जाओ और अभ्यास करो, मेरी चिंता मत करो।
रिंकू ने भी यही महसूस किया होगा
टीम इंडिया की वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा रिंकू सिंह को टूर्नामेंट के बीच में पिता के निधन के चलते वापस घर लौटना पड़ा था, जिसको लेकर भी जितेश शर्मा ने कहा कि मैं हमेशा इस बात को याद करता हूं कि अगर मैं कभी दुखी या दर्द में होता, तो वो मुझसे क्या कहते यही कि मेरी चिंता मत करो और जाकर खेलो। मुझे लगता है कि रिंकू सिंह ने भी यही महसूस किया होगा। इसीलिए वह दोबारा मैदान पर उतर पाए और यह बहुत बड़ी बात है। ऐसा करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बिल्कुल भी आसान काम नहीं होता है।
सारांश:
टीम इंडिया में जगह न मिलने के बाद स्टार खिलाड़ी ने भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय उनके लिए वर्ल्ड कप से भी ज्यादा अहम उनकी पिता की जरूरत थी। खिलाड़ी ने इस मौके पर व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और परिवार के महत्व को उजागर किया, जिससे उनके प्रशंसक और क्रिकेट समुदाय दोनों ही भावुक हो गए हैं।
