28 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब के सांसद Amritpal Singh को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि High Court ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी थी।
यह मामला काफी समय से चर्चा में था, क्योंकि Amritpal Singh फिलहाल कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं और हिरासत में होने के कारण वे संसद की कार्यवाही में भाग नहीं ले पा रहे थे। इसी को लेकर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
याचिका में उन्होंने दलील दी थी कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें संसद सत्र में भाग लेने का अधिकार मिलना चाहिए, ताकि वे अपने क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सांसद की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और उन्हें इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, High Court ने मामले की सुनवाई के दौरान विभिन्न कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए उनकी मांग को खारिज कर दिया। अदालत का मानना था कि मौजूदा परिस्थितियों और सुरक्षा कारणों को देखते हुए उन्हें संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त छूट नहीं दी जा सकती, खासकर जब मामला सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हो।
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ नेताओं का कहना है कि एक सांसद को संसद में बोलने का मौका मिलना चाहिए, जबकि अन्य का मानना है कि कानून और सुरक्षा के नियमों का पालन करना जरूरी है।
Amritpal Singh के समर्थकों ने इस फैसले पर निराशा जताई है और इसे उनके अधिकारों का हनन बताया है। वहीं विरोधी पक्ष का कहना है कि अदालत का फैसला पूरी तरह से कानून के दायरे में है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हिरासत में रहने वाले जनप्रतिनिधियों को संसद या विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं। यह एक जटिल कानूनी और संवैधानिक मुद्दा है, जिस पर अलग-अलग राय सामने आती रही हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अदालत को व्यक्तिगत अधिकार और सार्वजनिक हित के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। इस केस में भी अदालत ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।
फिलहाल, Amritpal Singh के पास इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प मौजूद है, यदि वे चाहें।
कुल मिलाकर, High Court का यह फैसला कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देने वाला माना जा रहा है, जिसने इस मामले को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।
सारांश:
हाई कोर्ट ने अमृतपाल सिंह की संसद सत्र में शामिल होने की याचिका खारिज की, सुरक्षा और कानूनी कारणों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें अनुमति देने से इनकार किया।
