2 अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Hanuman Jayanti के पावन अवसर पर फिल्म निर्माता Rajesh Mapuskar ने अपनी आगामी फिल्म Hanuman: The Eternal को लेकर अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जरिए उन्होंने अपनी आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की है।
राजेश मापुस्कर के अनुसार, भगवान हनुमान केवल एक पौराणिक पात्र नहीं हैं, बल्कि वे शक्ति, भक्ति और समर्पण के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “हनुमान चिरंजीवी हैं, यानी वे हर युग में मौजूद हैं और लोगों को प्रेरित करते रहते हैं।” इसी विचार को उन्होंने अपनी फिल्म की कहानी में शामिल किया है।
Hanuman: The Eternal का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन करना नहीं, बल्कि दर्शकों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ना भी है। मापुस्कर का मानना है कि आज के समय में, जब लोग तेज रफ्तार जिंदगी में व्यस्त हैं, ऐसे में आध्यात्मिक कहानियां उन्हें संतुलन और शांति प्रदान कर सकती हैं।
फिल्म के निर्माण के दौरान उन्होंने खास ध्यान रखा कि भगवान हनुमान के चरित्र को सम्मान और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बताया कि टीम ने पौराणिक ग्रंथों और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से अध्ययन किया, ताकि कहानी प्रामाणिक और प्रभावशाली बन सके।
Rajesh Mapuskar ने यह भी कहा कि फिल्म में आधुनिक तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन इसका मूल भाव पूरी तरह भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है। उनका मानना है कि नई तकनीक के जरिए पुरानी कहानियों को नए अंदाज में पेश किया जा सकता है, जिससे युवा पीढ़ी भी उनसे जुड़ सके।
Hanuman Jayanti के मौके पर उन्होंने यह भी साझा किया कि इस फिल्म पर काम करना उनके लिए एक आध्यात्मिक यात्रा की तरह रहा है। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि मेरे लिए एक व्यक्तिगत अनुभव था, जिसने मुझे अंदर से बदल दिया।”
फिल्म को लेकर दर्शकों में भी काफी उत्सुकता है। पौराणिक विषयों पर बनी फिल्मों को हाल के वर्षों में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, और ऐसे में Hanuman: The Eternal से भी काफी उम्मीदें की जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर फिल्म अपनी कहानी और प्रस्तुति में संतुलन बनाए रखती है, तो यह दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ सकती है। खासकर त्योहार के समय रिलीज होने वाली ऐसी फिल्में भावनात्मक रूप से दर्शकों को जोड़ने में सफल रहती हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस फिल्म को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई यूजर्स इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि फिल्म में भगवान हनुमान के चिरंजीवी स्वरूप को कैसे दिखाया जाएगा।
कुल मिलाकर, Rajesh Mapuskar की Hanuman: The Eternal न केवल एक फिल्म है, बल्कि यह आस्था और संस्कृति का एक संगम है। Hanuman Jayanti के अवसर पर इस तरह की पहल दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
Summary
हनुमान जयंती पर राजेश मापुस्कर ने ‘हनुमान: द इटरनल’ में अपनी आस्था को दर्शाने की बात कही, जहां फिल्म आध्यात्मिकता और आधुनिक तकनीक का संगम पेश करती है।
