पटना 08 अगस्त 2024 : राजनीति में रूठने और मनाने का दौर चलता रहता है, लेकिन लालू यादव की छवि ऐसी कभी नहीं रही कि वह किसी के आगे बेबस होक उन्हें मनाने पहुंच जाएं. लालू यादव अपने दम पर राजनीति करते रहे हैं. लेकिन, हाल के दिनों में उनका स्वास्थ्य गिरा तो उनकी सक्रियता भी कुछ कम हुई है. इसका असर आरजेडी की राजनीति पर भी देखा जा रहा है. लोकसभा चुनाव परिणाम आशानुकूल नहीं होने के साइड इफेक्ट बिहार की पॉलिटिक्स में देखे जा रहे हैं और दमदार लालू यादव अब थोड़े झुकते हुए भी नजर आ रहे हैं. दरअसल, राष्टीय जनता दल की राजनीति के लिहाज से बड़ी खबर है कि आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से मुलाकात की है. बताया जा रहा है कि इन तीनों के बीच पटना के बोरिंग रोड स्थित आरजेडी के एक एमएलसी के घर पर मुलाकात हुई है. इस मुलाकात के बाद से ही बिहार की राजनीति में खलबली मची हुई है.
बुधवार को लगभग एक घंटे तक हुई इन तीनों के बीच बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की खबर है. बता दें कि मोहम्मद शहाबुद्दीन के निधन के बाद लालू यादव तेजस्वी और हीना साहब की ये सबसे बड़ी मुलाकात है.दरअसल, इस मुलाकात को हिना शहाब और लालू यादव के परिवार के बीच बिगड़े संबंध को फिर से मज़बूत करने की कोशिश बताई जा रही है. दरअसल, सियासी गलियारों में चर्चा थी कि RJD की ओर से हिना शहाब को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है. यही कारण रहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में RJD से टिकट नहीं मिलने के कारण नाराज होकर हिना शहाब ने सिवान से निर्दलीय चुनाव लड़ी थी. दूसरे नंबर पर हिना शहाब रहीं थी.बताया जा रहा है कि लालू यादव और तेजस्वी से काफी बेहतर माहौल में हिना की बातचीत हुई है और अब इस मीटिंग के नतीजों को लेकर कयासबाजियां हो रही हैं.
हिना शहाब को लेकर अटकलें तेज
कहा जा रहा है कि हिना शहाब फिर से आरजेडी में शामिल हो सकती हैं. कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में हिना शहाब का बेटा ओसामा शहाब या बहू सीवान के रघुनाथपुर विधानसभा सीट से राजद की प्रत्याशी हो सकते हैं. वहीं, हिना शहाब को राज्यसभा भेजे जाने की भी अटकलें तेज हैं. हालांकि, इस बात की किसी भी ओर से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन लालू यादव और तेजस्वी यादव की ओर से आरजेडी के लिए कोर्स करेक्शन के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि हाल में हुए लोकसभा चुनाव में राजद ने 4 सीटें जीती थी, लेकिन सीवान और सारण जैसी लोकसभा सीटों पर राजद हार गया था.
सीवान-सारण की हार लालू को साल रही
खास बात यह कि सीवान से अवध बिहारी चौधरी जैसे पुराने नेता और बिहार विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके नेता की हार हुई थी. इसके साथ ही सारण में लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य की हार हुई थी. हाल के दिनों में लालू यादव अगर सबसे अधिक कहीं मेहनत करते देखे गए हैं तो वह है सारण लोकसभा सीट ही है जहां उनकी बेटी रोहिणी आचार्य संसदीय चुनाव लड़ रही थीं. लेकिन लालू यादव के पूरा जोर लगाने के बाद भी सारण सीट पर रोहिणी आचार्य की हार हो गई. अब हार के कारण तलाशे गए तो इसमें हिना शहाब की बड़ी भूमिका मानी जा रही है. कहा जा रहा है कि लालू यादव बेटी की हार से बेहद दुखी हो गए थे और अब हिना शहाब को अपने साथ लाकर भूल सुधार की कवायद की जा रही है.
