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28 जनवरी 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) – ‘बॉबी राजदूत’… नाम सुनते ही सामने आती है एक छोटी सी बाइक, दो टायर्स के साथ एक स्टेफनी और एक समय में पूरे देश को दीवाना बनाने वाली बाइक. आजादी के बाद भारत में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में तेजी आई थी. सत्तर के दशक में येज़दी और रॉयल एनफील्ड जैसी विदेशी कंपनियां भारत में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं. इसी बीच एक विदेशी बाइक आई जिसने लोगों का दिल जीत लिया. उस समय के बड़े अभिनेता और क्रिकेटर्स इस बाइक पर सवारी करते थे. 1973 में आई फिल्म ‘बॉबी’ के बाद इस बाइक को ‘बॉबी राजदूत’ कहा जाने लगा.

ऋषि कपूर ने राजदूत की सवारी की थी
बता दें कि ‘बॉबी’ फिल्म में एवरग्रीन अभिनेता ऋषि कपूर ने इस राजदूत की सवारी की थी. इसके बाद युवाओं में भी इस बाइक की क्रेज बढ़ने लगा. उस समय इस बाइक की बिक्री में भारी इजाफा हुआ था. भारतीय गणतंत्र दिवस (Indian Republic Day) के मौके पर कोल्हापुर में विंटेज ओनर्स क्लब द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में यह ‘बॉबी राजदूत’ देखने को मिली. इस प्रदर्शनी में सुनील भगवान और कोल्हापुर के रविंद्र पाटिल ने इस ‘बॉबी राजदूत’ के साथ भाग लिया. इस गाड़ी के कारण एक बार फिर ‘बॉबी राजदूत’ की क्रेज के बारे में सुनने को मिला.

इस गाड़ी का कोई मुकाबला नहीं
बता दें कि पुणे के सुनील भगवान इस ‘बॉबी राजदूत’ को लेकर प्रदर्शनी के लिए पुणे से कोल्हापुर आए. आज भी एडवांस टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियां उपलब्ध हैं, लेकिन इस गाड़ी का कोई मुकाबला नहीं, ऐसा वे कहते हैं. उन्होंने इस गाड़ी पर लगभग 25 से 30 हजार किलोमीटर तक यात्रा की है.

एकदम टॉप का अनुभव
कोल्हापुर के कसबा बावड़ा इलाके में रहने वाले रविंद्र पाटिल की ‘बॉबी राजदूत’ गाड़ी है. वे इस प्रदर्शनी में शामिल हुए थे. उन्होंने इस गाड़ी पर दो से तीन बार गोवा तक की यात्रा की है. इसके अलावा वे राइडिंग के लिए भी इस ‘बॉबी राजदूत’ का ही इस्तेमाल करते हैं. लगभग 10 से 12 हजार किलोमीटर तक उन्होंने इस गाड़ी पर यात्रा की है. इस गाड़ी का इस्तेमाल करना एकदम टॉप का अनुभव है.

‘बॉबी राजदूत’ क्यों है खास?
1973 में आई फिल्म ‘बॉबी’ में बड़े पर्दे पर मोटरसाइकिल पर एक युवा हीरो और हीरोइन को देखना फिल्म प्रेमियों के लिए एक अलग अनुभव था. उस समय ज्यादातर फिल्में मारधाड़ की शैली में बनाई जाती थीं, लेकिन हीरो-हीरोइन को रोमांटिक स्टाइल में एक बाइक पर देखना उस समय के दर्शकों के लिए एक नया अनुभव था. इसलिए इस बाइक की पूरे देश में क्रेज थी.

इस मोटरसाइकिल में 173 सीसी टू स्ट्रोक इंजन था, जो 7.5 बीएचपी की पावर और 12.7 एनएम का टॉर्क जनरेट करता था. बाइक में बैठने के लिए बहुत आरामदायक सीट नहीं थी, लेकिन ‘राजदूत जीटीसी 175’ की युवाओं में जबरदस्त क्रेज थी. कई लोगों को इस बाइक ने दीवाना बना दिया था. ‘बॉबी’ फिल्म में इस बाइक की एंट्री ने बाइक की बिक्री में उछाल ला दी थी. इस बाइक में एक स्टेफनी लगाई गई थी. खास बात यह थी कि उस समय किसी भी मोटरसाइकिल में तीसरा पहिया नहीं दिखाया गया था.

सारांश ‘बॉबी राजदूत’ भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और बाइक प्रेमियों के बीच एक यादगार नाम बन गया था। इस बाइक ने अपनी डिज़ाइन और प्रदर्शन से लोगों को अपना दीवाना बना लिया था। राजदूत बाइक के हर पहलु में कुछ खास था, जिसने इसे एक आइकॉनिक मॉडल बना दिया।

Bharat Baani Bureau

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