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20 मई 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) – पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर से मिले घाव के बाद बौखलाकर पूरी दुनिया में कुछ भी कहानियां सुना रहा है. हालांकि इसके पीछे की पूरी कहानी और आतंकवाद के खिलाफ भारत की तगड़ी चोट का एक-एक सच अब भारत पूरी दुनिया में सुनाने वाला है. इसके लिए भारतीय सांसदों के 7 प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग देशों में जाएंगे. 22 मई से ये यात्रा शुरू होगी, जो 32 अलग-अलग देशों तक पहुंचेगी.

आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल 22 मई से अपनी वैश्विक यात्रा शुरू करेगा. यह दौरा 5 जून तक चलेगा, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के 51 सांसद, पूर्व मंत्री और 8 पूर्व राजदूत शामिल होंगे. इसमें से पहला प्रतिनिधिमंडल 4 मुस्लिम देशों की यात्रा पर जाएगा, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी को भी सम्मिलित किया गया है.

सबसे पहले मुस्लिम देशों से शुरुआत

केंद्र सरकार ने इस मिशन के तहत सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को 32 देशों और बेल्जियम के ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के मुख्यालय भेजने की योजना बनाई है. इस यात्रा का उद्देश्य वैश्विक समुदाय को भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों से अवगत कराना और पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को बेनकाब करना है. सरकार ने इस अभियान का विस्तृत शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसे यहां देखा जा सकता है.

हर प्रतिनिधिमंडल में मुस्लिम नेता शामिल

इस मिशन का नेतृत्व प्रमुख नेता करेंगे, जिनमें बीजेपी के बैजयंत पांडा और रवि शंकर प्रसाद, जेडीयू के संजय कुमार झा, शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे, कांग्रेस के शशि थरूर, डीएमके की कनिमोझी करुणानिधि और एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले शामिल हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू इस 10 दिवसीय अभियान की देखरेख करेंगे. अलग-अलग 7 प्रतिनिधिमंडलों में सभी दलों से नेताओं को चुनकर सम्मिलित किया गया है, ताकि आतंकवाद के प्रति भारत की एकजुटता को दुनिया भर में देखा जा सके. इसके साथ ही ये कोशिश की गई है कि हर प्रतिनिधिमंडल में एक मुस्लिम नेता हो, ताकि आतंकवाद के प्रति भारतीय लोगों की निष्ठा का मैसेज ग्लोबल स्तर पर जा सके.

क्या है इसका मकसद?

सरकार का कहना है कि यह कदम आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा देगा और भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा. एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह राजनयिक पहल न केवल भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को रेखांकित करेगी, बल्कि अन्य देशों के साथ हमारे संबंधों को भी गहरा करेगी. इस अभियान के जरिए भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह अडिग और सक्रिय है और ऑपरेशन सिंदूर इसकी एक बानगी थी.

सारांश:
असदुद्दीन ओवैसी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पूरी कहानी चार मुस्लिम देशों को बताएंगे। वे पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए बड़े झूठों का खुलासा करेंगे और सच्चाई सामने लाएंगे, जिससे पाकिस्तान की साख प्रभावित हो सकती है।

Bharat Baani Bureau

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