कटरा 06 जून 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) . जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को रेल परियोजनाओं से जुड़ी अपनी भूमिका को ‘खुशकिस्मती’ बताया. उन्होंने कहा, “वज़ीर-ए-आज़म साहब, इसको किस्मत कहिए, मुकद्दर कहिए, बीच-बीच में जब कभी रेल के कोई बड़े कार्यक्रम हुए, तो कहीं न कहीं मेरी खुशकिस्मती रही है कि उनके साथ मुझे जुड़ने का मौका मिला. पहली बार जब अनंतनाग रेल स्टेशन का उद्घाटन हुआ, जब बनिहाल रेल सुरंग खुली, उसमें मैं शामिल था. और शायद मेरी पहली हुकूमत का आखिरी कार्यक्रम ठीक इसी जगह पर 2014 में हुआ.”
उन्होंने आगे कहा, “और इत्तेफाक की बात यह है कि वज़ीर-ए-आज़म साहब, उस कार्यक्रम में जो चार लोग शामिल थे, वे चार आज भी इस मंच पर आपके साथ बैठे हैं. आप उस वक्त पहली बार वज़ीर-ए-आज़म बने थे. चुनाव के ठीक बाद आप यहां आए और आपने माता की कृपा से यहां कटरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया.
उसके बाद लगातार तीन बार चुनाव जीतकर आप इस मुल्क के वज़ीर-ए-आज़म बने रहे. आपके साथ आपके राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय डॉ. जितेंद्र सिंह साहब भी उस कार्यक्रम में मौजूद थे. यहां तक कि हमारे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा साहब उस वक्त रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जब यहां कटरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन हुआ. और खुद मैं वज़ीर-ए-आला के तौर पर वहां था.”
कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा मिलेगा
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “अगर आप देखें तो माता की कृपा से मनोज सिन्हा साहब का प्रमोशन हुआ. मेरी, अगर आप माने, तो थोड़ा सा डिमोशन हुआ. मैं रियासत का वज़ीर-ए-आला था, अब केंद्र शासित प्रदेश का हूं. लेकिन मानकर चल रहा हूं कि इसे दुरुस्त होने में अब ज़्यादा देर नहीं लगेगी. और आप ही के हाथों जम्मू-कश्मीर को दोबारा रियासत का दर्जा हासिल होगा.”
सारांश:
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि शायद उनकी पहली सरकार का अंतिम कार्य कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलवाना होगा। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर आशा जताई कि केंद्र सरकार कश्मीर की विशेष स्थिति को जल्द बहाल करेगी। उनका यह बयान कश्मीर की राजनीतिक स्थिति में बदलाव की संभावना को दर्शाता है।
