नई दिल्ली 06 जून 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) . पंजाब में हाल ही में गिरफ्तार किए गए जसवीर नामक भारतीय नागरिक ने पूछताछ के दौरान एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क की जड़ों को उजागर कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक जसवीर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों से मिलवाने वाला कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तान पुलिस का पूर्व सब इंस्पेक्टर नासिर ढिल्लो था.
नासिर ढिल्लो अब पाकिस्तान में एक यूट्यूबर के तौर पर सक्रिय है, लेकिन उसकी असली पहचान कहीं ज्यादा खतरनाक है. उसने न केवल जसवीर को ISI से मिलवाया, बल्कि भारत से पाकिस्तान आने वाले यूट्यूबर्स को भी एक खास नेटवर्क से जोड़ने का काम करता था. इसी नेटवर्क के तहत ‘दानिश’ नाम के एक पाकिस्तानी अधिकारी के जरिए इन यूट्यूबर्स को जासूसी के काम सौंपे जाते थे.
खास बात यह है कि इन्हें दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन में बतौर ‘गेस्ट’ भी बुलाया जाता था, जिससे इन्हें आधिकारिकता का भ्रम हो और वे आसानी से जाल में फंस सकें. जांच एजेंसियों के अनुसार जसवीर और एक अन्य आरोपी ज्योति मल्होत्रा, जो पहले ही गिरफ्त में है, दोनों लाहौर में एक साथ 10 दिन तक रुके थे. यह भी सामने आया है कि नासिर ढिल्लो, ज्योति को भी लंबे समय से जानता था और उसने ही दोनों की मुलाकात करवाई थी.
सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि पाकिस्तान पुलिस के सैकड़ों पूर्व अधिकारी इस जासूसी रैकेट का हिस्सा हैं. इनका मुख्य उद्देश्य भारतीय सोशल मीडिया क्रिएटर्स, खासतौर पर यूट्यूबर्स को टारगेट करना है. इन्हें पहले दोस्ती और नेटवर्किंग के नाम पर जोड़ा जाता है, फिर धीरे-धीरे देश विरोधी कामों में धकेल दिया जाता है. जसवीर की गिरफ्तारी और उसके कबूलनामे से इस पूरे जाल का पर्दाफाश हुआ है. अब भारतीय एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े बाकी चेहरों की पहचान में जुट गई हैं.
सारांश:
पाकिस्तान पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर नासिर ढिल्लो ने यूट्यूब पर सक्रिय होकर नई पहचान बनाई है। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि वे एक जासूसी मास्टरमाइंड भी हो सकते हैं। उनकी गतिविधियां और सोशल मीडिया पर छवि इस बारे में सवाल उठाती हैं कि असल में नासिर ढिल्लो कौन हैं और उनका मकसद क्या है।
