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25 जून 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) जिस मैच में भारत की ओर से 5 शतक लगे हों और एक गेंदबाज ने 5 विकेट लिए हों, अगर इसके बाद भी टीम हार जाए तो आप क्या कहेंगे. आसान जवाब तो यह है कि दूसरी टीम ने भारत से भी बेहतर खेल दिखाया. लेकिन एक जवाब और है. वह यह कि अगर भारत के कुछ खिलाड़ियों ने शानदार खिल दिखाया तो बाकी अपना औसत प्रदर्शन भी नहीं कर पाए. इस मैच में ऐसे 7 खिलाड़ी रहे, जिनके खराब प्रदर्शन ने भारत से जीता हुआ मैच छीन लिया. इन खिलाड़ियों की छवि जो भी हो लेकिन यह कहने में गुरेज नहीं कि वे लीड्स टेस्ट में भारत के ‘गुनहगार’ साबित हुए.

1. यशस्वी ने टपकाए 4 कैच 
यशस्वी जायसवाल ने इस मैच में पहला शतक बनाया. उनकी पारी ने ही भारतीय बैटिंग को वह मोमेंटम दिया जिसकी बदौलत भारत ने पहली पारी में 471 रन बनाए. लेकिन इस पारी के बाद यशस्वी का जैसे बुरा वक्त शुरू हो गया. उन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में एक कैच छोड़ा. दूसरी पारी में बेन डकेट का कैच छोड़ना तो टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

2. करुण नहीं उठा सके मौके का फायदा
भारतीय टीम में आठ साल बाद वापसी करने वाले करुण नायर के लिए यह मुकाबला यादगार नहीं कहा जाएगा. वे पहली पारी में खाता नहीं खोल पाए. फिर दूसरी पारी में 20 रन बनाकर चलते बने. दोनों ही पारी में उनकी नाकामी ने भारत से वह मौका छीन लिया जब टीम उम्मीद कर रही थी कि 500 रन बनेंगे.

3. उम्मीद पर खरे नहीं उतरे जडेजा
रवींद्र जडेजा भारतीय प्लेइंग इलेवन में शामिल एकमात्र ऑलराउंडर थे. टीम के एकमात्र स्पिनर भी थे. जडेजा इन दोनों ही भूमिकाओं में खरे नहीं उतरे. जडेजा ने पहली पारी में 11 और दूसरी पारी में 25 रन (नाबाद) बनाए. गेंदबाजी में पहली पारी में उनके हाथ कोई विकेट नहीं लगा. इंग्लैंड की दूसरी पारी में उन्होंने बेन स्टोक्स को जरूर आउट किया लेकिन उनसे इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, जो वे नहीं कर पाए.

4. शार्दुल ठाकुर ने किया निराश 
शार्दुल ठाकुर को ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी पर वरीयता दी गई थी. उम्मीद थी कि वे नीतीश से बेहतर बॉलिंग करेंगे और कुछ रन भी बनाएंगे. शार्दुल बैटिंग में तो पूरी तरह फेल रहे और पहली पारी में 1 और दूसरी पारी में 4 रन बनाकर आउट हो गए. गेंदबाजी में भी वे उम्मीद पर खरे नहीं उतरे. शार्दुल ठाकुर पहली पारी में कोई विकेट नहीं ले सके. दूसरी पारी में उन्होंने 2 विकेट लिए.

5. रंग में नहीं दिखे मोहम्मद सिराज
मोहम्मद सिराज भारतीय टीम के दूसरे सीनियर पेसर थे और उम्मीद थी कि वे जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर भारतीय अटैक की अगुवाई करेंगे. सिराज ऐसा नहीं कर पाए. हालांकि, उन्हें साथी खिलाड़ियों की मदद भी नहीं मिली. सिराज की गेंद पर दो कैच छूटे. अगर ये कैच पकड़े जाते तो इंग्लैंड को दबाव में लाया जा सकता था. सिराज ने पहली पारी में 2 विकेट झटके. दूसरी पारी में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला.

6. विकेट लेकर भी विलेन बन गए कृष्णा
प्रसिद्ध कृष्णा भारतीय टीम के तीसरे तेज गेंदबाज थे. उन्होंने मैच में 5 विकेट झटके. पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 2 विकेट. लेकिन उन्होंने दोनों ही पारियों में खूब रन लुटाए. पहली पारी में उन्होंने 20 ओवर में 6.40 की स्ट्राइक रेट से 128 रन खर्च किए. दूसरी पारी में उन्होंने 6 से ज्यादा की की स्ट्राइक रेट से 90 से ज्यादा रन लुटाए.

7. साई सुदर्शन का बल्ला भी रहा खामोश
साई सुदर्शन का यह डेब्यू मैच ही था. आईपीएल 2025 में सबसे अधिक रन बनाने वाले साई इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में खाता नहीं खोल पाए. दूसरी पारी में भी उनके बल्ले से 30 रन ही निकले.

सारांश:
भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा और इसकी कई वजहें रहीं। कुछ खिलाड़ियों ने अहम मौके पर कैच छोड़ दिए, कुछ गेंदबाजों ने रन लुटाए और कई बल्लेबाज़ गैरज़िम्मेदार शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा बैठे। टीम इंडिया की यह हार सामूहिक विफलता का नतीजा रही, जिसमें सात प्रमुख खिलाड़ियों की भूमिका सवालों के घेरे में है।

Bharat Baani Bureau

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