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11 जुलाई 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) भारत समेत पूरी दुनिया में जनसंख्या कंट्रोल पर जोर दिया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबित 2025 में भारत की जनसंख्या 1.46 अरब हो जाएगी। जबकि जन्मदर में तेजी से गिरावट आ रही है। इस आंकड़े के साथ भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। हालांकि बढ़ती आबादी के साथ मूलभूत सुविधाओं की बड़ी चुनौती भी पैदा होती है। दुनियाभर में लोग खराब लाइफस्टाइल के कारण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिसमें हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। पूरी दुनिया की बड़ी आबादी दिल की बीमारियों से जूझ रही है।

दुनिया में सबसे ज्यादा लोग हार्ट की बीमारी के शिकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबित मौत के सबसे बड़े कारणों में हार्ट से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं। इस्केमिक हार्ट डिजीज और दिल से जुड़े रोग जिसमें दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी स्थितियां शामिल हैं। 2021 के डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल की बीमारियों से मरने वालों की संख्या 39 मिलियन और दुनियाभर में होने वाली मौतों का 57% कारण है। 

WHO ने इन 10 बीमारियों को बताया खतरनाक

दूसरे नंबर प क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और इसके बाद श्वसन तंत्र के संक्रमण खासतौर से लोवर रेस्पेरेटरी इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। वहीं पूरी दुनिया में अलग अलग तरह के कैंसर (Cancers) भी तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसमें फेफड़ों, ट्रेकिआ और ब्रोन्कस के कैंसर का खतरा बड़ी जनसंख्या को है। 

डायबिटीज की गिरफ्त में युवा

मधुमेह की गिरफ्त में युवा तेजी से आ रहे हैं। खराब लाइफस्टाइल और खाने की वजन से दुनिया की बड़ी आबादी मोटापे और डायबिटीज का शिकार हो रही है। अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया का खतरा भी पनप रहा है। वहीं आठवें नंबर पर किडनी के रोग बढ़ रहे हैं और दसवें नंबर पर तपेदिक यानि टीबी के मरीज हैं।

सारांश:
दुनिया की बड़ी आबादी आज एक जानलेवा बीमारी—जैसे डायबिटीज, हृदय रोग या कैंसर—से जूझ रही है। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके मुख्य कारण हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सतर्क न हुआ गया, तो यह खतरा और बढ़ सकता है। नियमित जांच, संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर इससे बचाव संभव है।

Bharat Baani Bureau

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