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22 अगस्त 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (22 अगस्त) को गिरावट लेकर बंद हुए। निवेशक अमेरिका के फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल के जैक्सन होल सिम्पोजियम में बयान से पहले सतर्क नजर आए। हालांकि, जीएसटी में सुधारों की उम्मीदों के चलते इस हफ्ते (18-22 अगस्त) बाजार में तेजी बनी रही।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 शुक्रवार को 0.85 फीसदी की गिरावट लेकर 24,870.10 पर बंद हुआ। जबकि बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) भी 0.85% की गिरावट के साथ 81,306.85 पर बंद हुआ।

पीएल कैपिटल में अर्थशास्त्री अर्श मोगरे ने कहा, ”इस सप्ताह बाजार में डबल स्ट्रेटेजी देखने को मिली। एक तरफ बाहरी चुनौतियों को लेकर सतर्कता और दूसरी तरफ घरेलू ग्रोथ को मजबूती देने वाले कारकों पर फोकस रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व को लेकर अनिश्चितता और टैरिफ को लेकर चिंताओं के बीच रुपया डॉलर के मुकाबले ₹87.50 तक फिसल गया। वहीं रेटिंग अपग्रेड के बाद सॉवरेन बॉन्ड स्प्रेड ऐतिहासिक रूप से कम हो गए, जिससे निवेशकों का भरोसा झलकता है।”

उन्होंने कहा, ”नीति निर्माताओं ने ₹20 अरब डॉलर का जीएसटी आधारित खपत प्रोत्साहन (stimulus) आगे बढ़ाया और एक नया आधुनिक आयकर अधिनियम लागू किया। इससे अनुपालन आसान होगा और घरेलू मांग को बल मिलेगा। इन कदमों से जीडीपी में लगभग 0.6% की वृद्धि की उम्मीद है। आरबीआई ने 4% मुद्रास्फीति लक्ष्य को ±2% के दायरे के साथ दोहराया। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद मौद्रिक नीति में स्थिरता बनी रहेगी। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 6.5-6.7% की ग्रोथ रेट का अनुमान दर्शाता है कि आर्थिक गति मजबूत बनी हुई है। हालांकि, शॉर्ट टर्म जोखिम अमेरिका की मौद्रिक नीति और व्यापारिक तनाव पर निर्भर करते हैं। कुल मिलाकर, भारत का मैक्रोइकोनॉमिक रुख सक्रिय वित्तीय समर्थन, नीति में भरोसे और वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रति मजबूती को दर्शाता है।”

साप्ताहिक आधार पर 1% चढ़े निफ्टी-सेंसेक्स

साप्ताहिक आधार पर दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में इस हफ्ते 1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। ऑटो और कंज्यूमर स्टॉक्स में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इसकी वजह वस्तु एवं सेवा कर (GST) में बदलाव की उम्मीदें और एसएंडपी की तरफ भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार रहा।

सप्ताह के दौरान ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में क्रमशः 5% और 4% की बढ़त देखी गई। हालांकि शुक्रवार को 16 में से 13 प्रमुख सेक्टर्स गिरावट में रहे। इनमें भारी वजन वाले फाइनेंशियल सेक्टर में 1% की गिरावट दर्ज की गई।

इस हफ्ते 2% चढ़े IT Stocks

वहीं, आईटी कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को 0.8% की गिरावट दर्ज की गई। इससे बेंचमार्क इंडेक्स पर भी दबाव बना। इन कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। वहां की अनिश्चितताओं का असर इन पर पड़ा। हालांकि, पूरे सप्ताह की बात करें तो आईटी शेयरों ने पिछले दो महीनों में अपनी सबसे अच्छी वीकली बढ़त दर्ज की और यह इस हफ्ते 2 प्रतिशर चढ़कर बंद हुए। इस दौरान स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में शुक्रवार को कोई खास हलचल नहीं दिखी, लेकिन वीकली बेसिस पर इनमें लगभग 2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

निवेशकों की वेल्थ इस वीक ₹7.91 लाख करोड़ बढ़ी

निवेशकों को इस हफ्ते बाजार में 7.91 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप इस हफ्ते (18 अगस्त-22 अगस्त) को बढ़कर 4,53,69,307 करोड़ रुपये रह गया। यह पिछले हफ्ते गुरुवार (14 अगस्त) को 44,577,632 करोड़ रुपये था। इस तरह, बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप साप्ताहिक आधार पर 791,675 करोड़ रुपये बढ़ा है।

Bharat Baani Bureau

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