09 सितंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) नेपाल में सोमवार को सोशल मीडिया बैन पर महाभारत छिड़ गई. जेनजी प्रदर्शनकारी और सरकार आमने-सामने आ गए. प्रदर्शनकारियों ने ऐसी हुंकार भरी कि ओली सरकार डगमगा गई. आनन-फानन में आधी रात को नेपाल सरकार ने जेन जी के प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया से बैन हटा लिया. हालांकि, बवाल अभी थमा नहीं है. इस बीच नेपाल की घटना पर भारत का बयान आया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम नेपाल में घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने नेपाल में प्रदर्शन के दौरन युवाओं की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त की. साथ ही मृतकों के परिवारों के प्रति शोक-संवेदना जाहिर की. बहुत से नौजवानों की जान जाने से हमें गहरा दुख हुआ है. भारत ने कहा, ‘मित्र और पड़ोसी होने के नाते हम सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद व शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं का समाधान निकालने की अपील करते हैं.’
भारत ने काठमांडू और कई अन्य शहरों में कर्फ्यू लागू होने पर भी संज्ञान लिया. इतना ही नहीं, भारत सरकार ने नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की. भारत सरकार ने नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और नेपाल सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी.
दरअसल, नेपाल सरकार ने युवाओं के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश सोमवार को वापस ले लिया. प्रतिबंध के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक घायल हुए हैं. नेपाल के संचार, सूचना एवं प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने घोषणा की कि सरकार ने कैबिनेट की एक आपात बैठक के बाद सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया है.
गुरुंग ने कहा कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को काठमांडू के मध्य में संसद के सामने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने वाले ‘जेन जी’ समूह की मांगों के अनुसार सोशल मीडिया साइटों को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ करने का आदेश दिया है. तीन दिन पहले, नेपाल सरकार ने फेसबुक और ‘एक्स’ समेतत 26 सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था, क्योंकि वे पंजीकरण नहीं करा पाई थीं. मंत्री ने विरोध कर रहे ‘जेन जी’ समूह से विरोध प्रदर्शन खत्म करने का अनुरोध किया.
