नई दिल्ली 04 दिसंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) . दूसरे वनडे में हर तरफ भारतीय टीम के गेंदबाजो की चर्चा है जिनकी जमकर पिटाई हुई और भारत मैच हार गया पर सच तो ये हा कि बैटिंग करते वक्त ही टीम इंडिया मैच हर चुकी थी. रायपुर के मैदान पर भारत ने पहले बल्लेबाज़ी तो दमदार अंदाज़ में शुरू की, लेकिन जैसे ही मैच अपने असली मोड़ यानि आख़िरी 11 ओवर पर पहुँचा, टीम की रफ़्तार मानो अचानक ब्रेक पर आ गई.  जहाँ आधुनिक वनडे क्रिकेट में डेथ ओवरों में तूफ़ान उठता है, वहाँ टीम इंडिया के बल्ले से सिर्फ़ 78 रन निकले और यही धीमापन दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ़ हार का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आया. क्योंकि मिस्टर इंडिया यानि ओस से लड़ने के लिए जो ठोस कुशन ( 30 एक्स्ट्रा रन) चाहिए था वो नहीं बने.

विराट और रितुराज के लगाए खूबसूरत स्ट्रोक, बेहतरीन मंच तैयार करने की उनकी मेहनत सब कुछ बुर्ज ख़लीफ़ा की तरह खड़ा था, पर फिनिशिंग मंज़िल तक पहुँचाने वाला कोई नहीं था.  राहुल हों, वाशिंगटन सुंदर या जडेजा तीनों से उम्मीद थी कि वे अंत में रफ्तार पकड़ेंगे, लेकिन तीनों के बल्ले जैसे शांत पड़ गए.  नतीजा ये हुआ कि भारत की चमकदार शुरुआत फीकी पड़ गई, और विपक्ष ने मैच को आसानी से अपनी मुट्ठी में कर लिया.
रायपुर में हुई इस ‘स्लो मोशन’ बैटिंग ने साफ़ कर दिया फिनिशर की कमी अब टीम इंडिया की सबसे भारी कमजोरी बन रही है.

66 गेंद पर 78 रन बनी हार की वजह

रायपुर में 39 ओवर तक सबकुछ ठीक चल रहा था पर जैसे ही 40वां ओवर शुरु हुआ भारतीय टीम के लिए मैच पलट गया. विराट के आउट होने के बाद अगले 11 ओवर में विकेट तो कम गिरे पर रनगति पर आश्चर्यजनक रूप से ब्रेक लग गया. जो स्कोर 390 तक जा सकता था वो 358 रन पर रुक गया. भारतीय बल्लेबाज अंतिम 11 ओवर में सिर्फ 78 रन ही जोड़ पाए. इरफान पठान ने कहा कि मैच से पहले ये सबको पता था कि ड्यू फैक्टर बड़ा रोल प्ले करेगा ओर इससे निपटने के लिए पहले बल्लेबाजी आए तो 30-35 रन बनाने का प्लान था जिसमें भारतीय बल्लेबाज अंतिम ओवर्स में फेल हो गए जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा.

फिनिशर की कमी खली 

आज के दौर में व्हाइट बॉल क्रिकेट में खास तौर में वनडे फॉर्मेट में अंतिम 10 ओवर मैच का रुख तय करती है रायपुर में रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर वो काम नहा कर पाए जो डेवाल्ड ब्रेविस ने किया. जडेजा सुंदर ने 35 गेंदों पर 25 रन बनाए. वहीं ब्रेविस ने 34 गेंद पर 54 रन की पारी खेलकर मैच को दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में मोड़ दिया. रांची और अब रायपुर में अंतिम 10 ओवर का प्रदर्शन देखकर एक बात तो साफ हो गई कि हार्दिक पंड्या के ना होने से टीम लगातार वनडे क्रिकेट में जूझ रही है और जिनको ये रोल दिया जा रहा है वो इसके लिे तैयार नहीं है.

सारांश:
भारत को रायपुर में खेले गए मुकाबले में ‘मिस्टर इंडिया’ कहे जाने वाले खिलाड़ी के प्रदर्शन के आगे हार का सामना करना पड़ा। मैच की सबसे बड़ी चुनौती बनीं विराट कोहली और रुतुराज गायकवाड़ की अंतिम 66 गेंदें, जिन पर दोनों बल्लेबाज़ खुलकर रन नहीं बना पाए। धीमी बल्लेबाज़ी के कारण टीम दबाव में आई और अंत में लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। रायपुर में सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी का भी खुलासा हुआ, जिसने इस मैदान पर अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया।

Bharat Baani Bureau

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