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12 दिसंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को हुए भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी आई है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की रिपोर्ट देखने के बाद चौंक गया. कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि, ‘मद्रास हाईकोर्ट में कुछ गड़बड़ है.’ जस्टिस जेके माहेश्वरी और विजय बिश्नोई की बेंच ने HC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सभी पक्षों को रिपोर्ट साझा करने और जवाब मांगने का निर्देश दिया. साथ ही इस मामले अपने पहले के फैसले में संशोधन करने से इनकार कर दिया.

करूर भगदड़ का पूरा मामला 27 सितंबर को शुरू हुआ. TVK की राज्यव्यापी यात्रा के दौरान करूर में करीब 30,000 लोग जमा हो गए. वेन्यू की क्षमता सिर्फ 2,000-3,000 थी, लेकिन भीड़ अनियंत्रित हो गई. सुबह से इंतजार कर रहे लोग दोपहर में भगदड़ का शिकार हो गए. इसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा घायल हुए थे.

इस भगदड़ के मृतकों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं थीं. इस भगदड़ के बाद विजय सेतुपति ने दुख व्यक्त किया था. साथ ही प्रत्येक मृतक के परिवार को 20 लाख और घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया. उन्होंने वीडियो कॉल से परिवारों से बात की और कहा, न्याय होगा. लेकिन पुलिस ने TVK कार्यकर्ताओं पर लापरवाही, भीड़ प्रबंधन में कमी और हत्या के प्रयास के आरोप लगाए. विजय को नामजद नहीं किया गया, लेकिन हाईकोर्ट ने जिम्मेदारी से भागने वाला बताया.

हाईकोर्ट की टिप्पणी

ये मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा. मदुरै बेंच ने BJP नेता उमा आनंदन की CBI जांच की याचिका खारिज कर दी. लेकिन चेन्नई बेंच के सिंगल जज की पीठ ने 3 अक्टूबर को SIT जांच का आदेश दिया, जिसमें विजय और TVK पर कटाक्ष करते हुए कहा गया कि वे घटनास्थल छोड़कर भाग गए, कोई पछतावा नहीं दिखाया. बेंच ने इसे राष्ट्र की अंतरात्मा को झकझोरने वाला बताया. विजय ने हाईकोर्ट की इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि वे बिना सुनवाई के टिप्पणी की गई. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 13 अक्टूबर को सीबीआई जांच बैठाया गया. इसकी निगरानी रिटायर्ड जस्टिस अजय रस्तोगी कर रहे थे.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में कहा कि हाईकोर्ट का तरीका संवेदनशीलता और उचितता की कमी दर्शाता है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के पैरा 33 में ‘मूल निवासी’ शब्द पर आपत्ति को खारिज किया, लेकिन केके रमेश की नई याचिका पर नोटिस जारी किया.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से रिपोर्ट पर मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने HC रजिस्ट्रार जनरल की रिपोर्ट मांगी, जिसमें HC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे. बेंच ने कहा, ‘चेन्नई बेंच ने रैली SOP की याचिका पर SIT का आदेश दिया, जो जुरिस्डिक्शन से बाहर था. मदुरै बेंच के फैसले के बाद भी दोहराव क्यों?’ सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को रिपोर्ट साझा करने और जवाब मांगने का निर्देश दिया. तमिलनाडु सरकार ने CBI जांच को राज्य स्वायत्तता का उल्लंघन बताया. सुप्रीम कोर्ट से रद्द करने की मांग की. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.

सारांश:
सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ मामले में मद्रास हाईकोर्ट की कार्रवाई पर सवाल उठाया और कहा कि ‘कुछ गड़बड़ है’। यह मामला अभिनेता विजय सेतुपति से भी जुड़ा हुआ है।

Bharat Baani Bureau

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