06 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो): जालंधर: नाबालिग बच्चियों के अपहरण, यौन शोषण और उनसे जबरन भीख मंगवाने के गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को जीवन पर्यंत कारावास की सजा सुनाई है। एडिशनल सेशन जज अर्चना कंबोज की अदालत ने 55 वर्षीय राजेश पांडे को दोषी करार देते हुए मरते दम तक जेल में रखने का आदेश दिया है। साथ ही उस पर 1.28 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

यह मामला तब सामने आया था जब 20 अप्रैल को पुलिस ने कपूरथला से तीन नाबालिग बच्चियों को बरामद किया था, जिनमें दो की उम्र 9 साल और एक की उम्र 12 साल थी। मेडिकल जांच में बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच पूरी कर 21 जून को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में कुल 25 गवाह पेश किए गए।

सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्चियों ने अदालत को बताया कि आरोपी उन्हें बहाने से अपने साथ ले गया और डराकर उनके साथ गलत हरकतें करता था। बच्चियों ने यह भी बताया कि वह उन्हें जान से मारने की धमकी देता और उनसे भीख मंगवाता था। आरोपी खुद को उनका संरक्षक बताकर लोगों को गुमराह करता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गांव पारा का रहने वाला है। उसने अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दी थी और पत्नी से अलग रह रहा था। आरोपी पहले से एक नाबालिग बच्ची को अपने साथ रखे हुए था और इसी का सहारा लेकर वह अन्य बच्चियों को भरोसे में लेता था। कंजक पूजन का झांसा देकर वह बच्चियों को अगवा करता था।

सारांश:
कोर्ट ने कंजक के बहाने बच्चियों का अपहरण करने वाले दोषी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसे उम्रभर की सजा सुनाई। यह फैसला बाल सुरक्षा और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस का संदेश देता है।

Bharat Baani Bureau

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