12 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : हिमाचल प्रदेश इस वक्त कुदरत के दोहरे वार से जूझ रहा है। एक तरफ पहाड़ हड्डियों को कंपा देने वाली शीतलहर की चपेट में हैं, तो दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में घना कोहरा जीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा है। सूखे और कड़ाके की ठंड के बीच अब सबकी निगाहें आसमान पर टिकी हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने लंबे इंतजार के बाद बर्फबारी की उम्मीद जताई है।
सफेद आफत और ‘ड्राय विंटर’ का संकट
प्रदेश में बीते तीन महीनों से मानसून के बाद की बारिश और बर्फबारी न होने के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। इसे आप इस प्रकार समझ सकते हैं:
खेती पर वार: बारिश न होने से राज्य में सूखे जैसे हालात हैं। गेहूं की बुवाई और सेब के बगीचों के लिए जरूरी नमी गायब है, जिससे बागवान और किसान परेशान हैं।
पर्यटन में मायूसी: शिमला और मनाली जैसे मशहूर पर्यटन स्थल अभी भी कुदरत की सफेद चादर (बर्फ) का इंतजार कर रहे हैं। बर्फ न गिरने की वजह से सैलानी कम पहुंच रहे हैं, जिससे पर्यटन कारोबार सुस्त पड़ा है।
जम गई है जिंदगी: जनजातीय जिलों जैसे लाहौल-स्पीति और किन्नौर में पारा इतना गिर चुका है कि पेयजल के स्रोत और पाइपलाइनें पूरी तरह जम चुकी हैं।
कोहरे का पहरा और गिरता पारा
निचले हिमाचल के जिलों—बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा और ऊना—में शीतलहर का कहर जारी है। सुबह और देर रात को घना कोहरा दृश्यता (Visibility) को बेहद कम कर रहा है। बिलासपुर में तो स्थिति यह रही कि 100 मीटर की दूरी पर भी देखना मुश्किल हो गया, जिससे वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
16 जनवरी से करवट लेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 11 से 15 जनवरी तक भले ही धूप खिली रहे, लेकिन 16 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से:
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात: लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और शिमला के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी की प्रबल संभावना है।
सूखे से निजात: यदि यह पूर्वानुमान सटीक बैठता है, तो तीन महीने से प्यासी धरती और फसलों को नई जान मिल सकती है।
चेतावनी: विभाग ने 15 जनवरी तक घने कोहरे का ‘अलर्ट’ जारी किया है और अगले 24 घंटों में शीतलहर और तेज होने की आशंका जताई है।
सारांश:
मौसम विभाग ने 5 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है, जिससे तापमान, बारिश या तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। लोगों को एहतियात बरतने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
