23 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ): नाभा जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और अधिवक्ता अमरदीप सिंह धरनी ने फतेहगढ़ साहिब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार और जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए।
जज के सामने जताई जान को खतरे की चिंता
अधिवक्ता धरनी ने बताया कि 5 जनवरी को जब फतेहगढ़ साहिब के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने नाभा जेल का दौरा किया था, उस दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया ने माननीय जज के समक्ष अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की थीं। मजीठिया ने अदालत को अवगत कराया कि उनकी बैरक में गंभीर अपराधों में शामिल कैदियों को रखा गया है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
प्रशासन पर आदेशों की अनदेखी के आरोप
अकाली दल के नेता ने आरोप लगाया कि जज के दौरे और मजीठिया द्वारा सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताने के कई दिन बीत जाने के बावजूद जेल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि न तो बैरक में सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के अन्य पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सरकार को ठहराया जिम्मेदार
अधिवक्ता धरनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जेल में बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो इसके लिए पंजाब सरकार और जेल प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
सारांश:
नाभा जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जेल के भीतर उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं, जिस पर विपक्ष और समर्थकों ने प्रशासन से जवाब मांगा है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि मजीठिया की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतज़ाम किए गए हैं और हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
