03 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा की है, जिससे भारतीय सामानों पर वसूला जा रहा टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। बताते चलें कि अमेरिका ने पिछले साल भारत पर 25 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। इसके साथ ही, अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया था। इस तरह से अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल 25 प्रतिशत के रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है, जबकि रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

रूसी तेल की खरीद बंद होने पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ भी हटा देगा अमेरिका

वाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका, भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को भी हटा देगा क्योंकि भारत ने रूस से तेल की खरीद को कम किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि 25 प्रतिशत के अतिरिक्त टैरिफ को हटाने के लिए भारत को रूस से कच्चे तेल की खरीद को पूरी तरह से बंद करना होगा, न कि सिर्फ कम करना होगा। नए टैरिफ रेट के साथ, अब भारत को अमेरिकी टैरिफ के मामले में चीन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, वियतनाम, बांग्लादेश से कम टैरिफ चुकाना होगा। अमेरिका अभी अपने सबसे करीबी देशों और संघों से न्यूनतम 10 प्रतिशत तक टैरिफ ले रहा है।

किन देशों से सबसे कम टैरिफ ले रहा है अमेरिका

  • यूनाइटेड किंगडम: 10 प्रतिशत
  • यूरोपीय संघ: 15 प्रतिशत
  • जापान: 15 प्रतिशत
  • दक्षिण कोरिया: 15 प्रतिशत
  • स्विट्जरलैंड: 15 प्रतिशत

किन देशों से सबसे ज्यादा टैरिफ ले रहा है अमेरिका

  • ब्राजील: 50 प्रतिशत
  • म्यांमार: 40 प्रतिशत
  • लाओस: 40 प्रतिशत
  • चीन: 37 प्रतिशत
  • दक्षिण अफ्रीका: 30 प्रतिशत

दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों से कितना टैरिफ वसूल रहा है अमेरिका

  • बांग्लादेश: 20 प्रतिशत
  • वियतनाम: 20 प्रतिशत
  • मलेशिया: 19 प्रतिशत
  • कंबोडिया: 19 प्रतिशत
  • थाईलैंड: 19 प्रतिशत
  • पाकिस्तान: 19 प्रतिशत

सारांश:

अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 18% टैरिफ लगा दिया है, जिससे भारत से आने वाले उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे और भारतीय निर्यातकों को नुकसान हो सकता है। वहीं, अमेरिका ने चीन, ब्राजील और पाकिस्तान से आयात पर यह टैरिफ नहीं लगाया और उन्हें राहत दी है। इसका मतलब है कि इन देशों के उत्पाद अमेरिका में सस्ते रहेंगे और उनकी प्रतिस्पर्धा बनाए रखी जाएगी। यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार में असमान अवसर पैदा कर सकता है और भारत के निर्यात को प्रभावित कर सकता है।

Bharat Baani Bureau

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