05फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : बॉलीवुड की दुनिया में अगर किसी नाम ने दशकों तक सबसे गहरी छाप छोड़ी है, तो वह हैं अमिताभ बच्चन। परदे पर एंग्री यंग मैन से लेकर सदी के महानायक बनने तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सुपरहिट फिल्मों, दमदार डायलॉग्स और बेमिसाल स्क्रीन प्रेजेंस के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही, कभी सफलता के कारण तो कभी रेखा के साथ जुड़े किस्सों की वजह से। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक ऐसा दौर भी था, जिसे खुद अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन का सबसे अंधकारमय समय बताया है। आज यह सोचना भी मुश्किल लगता है कि जिस शख्स को करोड़ों लोग भगवान की तरह पूजते हैं, वह कभी कर्ज़, अपमान और असहायता के भंवर में फंसा था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि उस संकट से उबरने के लिए उनके बेटे अभिषेक बच्चन को अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी।

संघर्ष से स्टारडम तक

अमिताभ बच्चन का शुरुआती करियर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। एक के बाद एक फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया था और ऐसा लगने लगा था कि शायद किस्मत उनका साथ नहीं दे रही। फिर आया साल 1973 और साथ आई फिल्म ‘जंजीर’। इस एक फिल्म ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। अमिताभ रातोंरात स्टार बन गए और इंडस्ट्री में उनका सिक्का चलने लगा। पैसा, शोहरत और पहचान, सब कुछ उनके कदमों में था, लेकिन सफलता का यह दौर स्थायी नहीं रहा। अपने करियर के शिखर पर रहते हुए अमिताभ ने एक बड़ा सपना देखा, अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL)। यह सिर्फ एक बिजनेस नहीं था, बल्कि उनका विजन था, जिसके जरिए वह फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नई दिशा देना चाहते थे। मगर यह सपना जल्द ही एक भयावह हकीकत में बदल गया।

जब घर की देहलीज तक पहुंचा कर्ज

ABCL बुरी तरह असफल रही और देखते ही देखते हालात हाथ से निकल गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गए। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस दौर को याद करते हुए कहा था, ‘मेरे 44 साल के करियर का यह सबसे काला समय था।’ उन्होंने बताया कि लेनदार उनके घर तक पहुंच जाते थे, धमकियां, गालियां और रोज का मानसिक दबाव। हालात इतने खराब हो चुके थे कि घर की कुड़की तक की नौबत आ गई थी। जिस सुपरस्टार को देश सिर आंखों पर बैठाता था, वह भीतर ही भीतर पूरी तरह टूट चुका था।

बेटे ने छोड़ी पढ़ाई, निभाई जिम्मेदारी

इसी दौरान अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे। दूरी के बावजूद पिता की परेशानी उनसे छुपी नहीं रही। एक पॉडकास्ट में अभिषेक ने उस फैसले के बारे में खुलकर बात की, जिसने उनकी ज़िंदगी की दिशा बदल दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी, लिबरल आर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स की डिग्री अधूरी रह गई क्योंकि उनके पिता बेहद कठिन आर्थिक हालात से गुजर रहे थे। स्टार किड होने के बावजूद, अभिषेक ने आराम और सुरक्षा को पीछे छोड़ दिया। फिल्मों में मौका पाने के लिए उन्होंने प्रोडक्शन बॉय तक का काम किया। सेट पर चाय बनाना, छोटे-छोटे काम करना और हर मौके को सीखने के रूप में लेना, अभिषेक ने सब कुछ किया, ताकि परिवार इस मुश्किल दौर से बाहर निकल सके।

सारांश:

सुपरस्टार का बेटा अपनी पढ़ाई छोड़कर फिल्म सेट पर चाय बनाता था। मेहनत और लगन से उसने अब छह ब्रांड्स का मालिक बनकर सफलता हासिल की है और वह विश्व सुंदरी का पति भी बन चुका है।

Bharat Baani Bureau

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