11 फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : देश के तमाम केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग पर एक बड़ा अपडेट आ गया है। सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक रूप से गठन हो चुका है और पिछले साल3 नवंबर, 2025 को ही आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए कहा कि आयोग तय किए गए समयसीमा के भीतर अपनी सिफारिशें जमा करेगा। बताते चलें कि राज्यसभा ने सरकार से 8वें वेतन आयोग को लेकर जानकारी मांगी थी कि आयोग किन-किन मुद्दों की समीक्षा करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू होंगी।
कर्मचारियों की सैलरी की समीक्षा करेगा आयोग
वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते, पेंशन के ढांचे और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को बताया कि आयोग को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीनों का समय दिया गया है। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि आयोग साल 2027 में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा और सरकारी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी पाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। 8वें वेतन आयोग लागू होने की वजह से सरकार पर कितना वित्तीय बोझ बढ़ेगा, इस सवाल के जवाब में सरकार ने अपने उत्तर में कहा कि अभी इसका पता लगाना संभव नहीं है। सरकार ने कहा कि आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही वास्तविक वित्तीय बोझ का पता लगाया जा सकता है।
बैंक कर्मचारियों को नहीं मिलेगा 8वें वेतन आयोग का लाभ
बताते चलें कि केंद्रीय सरकार के तमाम कर्मचारियों पर वेतन आयोग लागू होता है। 8वां वेतन आयोग लागू होने पर केंद्र सरकार के सभी विभागों में काम करने वाले तमाम कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार की नौकरी से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। 8वां वेतन आयोग बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। दरअसल, बैंक कर्मचारियों की सैलरी भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत संशोधित किया जाता है। लिहाजा, सरकारी बैंक के कर्चमारी वेतन आयोग के तहत नहीं आते हैं।
सारांश:
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ा अपडेट आया है। सरकार ने राज्यसभा में उठाए गए सवालों का जवाब दिया, जिसमें वेतन और भत्तों से जुड़े मामलों पर स्थिति स्पष्ट की गई।
