19 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारत की टेक दुनिया में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। टाटा ग्रुप और उसकी प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने OpenAI के साथ रणनीतिक एआई अलायंस का ऐलान किया है। यह पार्टनरशिप एजेंटिक एआई सॉल्यूशंस से लेकर भारत में बड़े डेटा सेंटर बनाने तक फैली हुई है। इस कदम को भारत को ग्लोबल एआई हब बनाने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है
भारत में बनेगा 100 मेगावॉट का डेटा सेंटर
इस समझौते का एक अहम स्तंभ 100 मेगावॉट का डेटा सेंटर होगा, जिसे भविष्य में 1 गीगावॉट तक विस्तारित किया जा सकता है। 1 गीगावॉट क्षमता वाला डेटा सेंटर आमतौर पर 35 से 50 अरब डॉलर तक की लागत से तैयार होता है। यह परियोजना न केवल भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी, बल्कि देश को वैश्विक क्लाउड और डेटा इकोसिस्टम में बड़ी भूमिका भी दे सकती है।
एजेंटिक एआई से बदलेगा इंडस्ट्री का कामकाज
OpenAI और TCS मिलकर एजेंटिक एआई सॉल्यूशंस विकसित करेंगे, जो खास इंडस्ट्री के लिए डिजाइन किए जाएंगे। ये एआई सिस्टम कुछ परिस्थितियों में स्वायत्त रूप से काम कर सकेंगे, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत कम होगी। इससे बैंक, अस्पताल, फैक्ट्रियां और दुकानों जैसे क्षेत्रों में काम तेज और आसान हो जाएगा। कम समय में ज्यादा काम हो सकेगा और गलतियों की संभावना भी घटेगी।
Sam Altman का भारत पर फोकस
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन इन दिनों भारत में एआई समिट में भाग ले रहे हैं। वे अमेरिका समेत कई देशों में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर निर्माण की योजना पर काम कर रहे हैं। कंपनी ने “स्टारगेट” नामक प्रोजेक्ट के तहत 500 अरब डॉलर तक निवेश की प्लानिंग बताई है, जिसे बाद में बढ़ाकर 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक विस्तारित किया गया है। भारत में यह साझेदारी OpenAI की वैश्विक विस्तार रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
भारतीय युवाओं और कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
TCS अपने वैश्विक ग्राहकों के लिए OpenAI आधारित सेवाएं विकसित करेगी। साथ ही, भारत के युवाओं के लिए एआई ट्रेनिंग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। टाटा ग्रुप के हजारों कर्मचारियों को एंटरप्राइज वर्जन के ChatGPT तक पहुंच मिलेगी, जिससे संगठन के भीतर भी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा मिलेगा।
