19 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : रोजमर्रा की जिंदगी में हम खुद की हाइजीन का ध्यान रखने के लिए कई तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें टूथब्रश और टंग क्लीनर का इस्तेमाल रोजाना किया जाता है। ओरल हेल्थ का ध्यान रखने के लिए रोजाना ब्रश करना जरूरी है। आमतौर पर ये देखने को मिलता है कि टूथब्रश और टंग क्लीनर का इस्तेमाल तब तक किया जाता है जब तक ये खराब नहीं हो जाते। पुराने टूथब्रश और टंग क्लीनर का लेब वक्त तक इस्तेमाल करना आपको बहुत कॉमन लग सकता है। लेकिन यह आपकी ओरल हेल्थ के लिए बिल्कुल सही नहीं है। ज्यादातर लोगों को ये पता नहीं होता है कि टूथब्रश और टंग क्लीनर को कितने दिनों में बदलना चाहिए। यहां इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि टूथब्रथ और टंग क्लीनर को आप कितने दिन में बदलें। 

टूथब्रश (Toothbrush)

आमतौर पर टूथब्रश को हर 3 से 4 महीने में बदल देना चाहिए। हालांकि, कुछ खास स्थितियों में इसे पहले भी बदलना पड़ सकता है:

ब्रिसल्स का मुड़ना: अगर ब्रश के ब्रिसल्स फैल गए हैं या घिस गए हैं, तो वह दांतों के कोनों को ठीक से साफ नहीं कर पाएगा। ऐसे में उसे तुरंत बदलें।

बीमारी के बाद: अगर आपको फ्लू, गले में खराश, या कोई अन्य संक्रमण हुआ है, तो ठीक होने के बाद ब्रश बदल लेना चाहिए ताकि कीटाणु दोबारा शरीर में न पहुंचें।

बच्चों के ब्रश: बच्चे अक्सर ब्रश को चबाते हैं, जिससे वे जल्दी खराब हो जाते हैं। इसलिए उनके ब्रश को हर 1-2 महीने में चेक करते रहें।

टंग क्लीनर 

टंग क्लीनर (जीभी) बदलने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस धातु या सामग्री का बना है।

प्लास्टिक टंग क्लीनर: इन्हें हर 3 से 4 महीने में टूथब्रश के साथ ही बदल देना चाहिए। प्लास्टिक पर बैक्टीरिया जल्दी जमा होने लगते हैं और इसमें दरारें भी पड़ सकती हैं।

धातु (स्टेनलेस स्टील या तांबा): ये काफी लंबे समय तक चलते हैं। अगर आप इन्हें रोज गर्म पानी और साबुन से साफ करते हैं, तो इन्हें साल भर या उससे अधिक समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। बस ध्यान रखें कि उन पर जंग न लगा हो या उनके किनारे पैने न हो गए हों।

सारांश:
दंत स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार टूथब्रश और टंग क्लीनर को नियमित अंतराल पर बदलना जरूरी है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने से इनमें बैक्टीरिया जम सकते हैं, जो मसूड़ों और दांतों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। आमतौर पर टूथब्रश हर 3-4 महीने और टंग क्लीनर हर 4-6 महीने में बदलने की सलाह दी जाती है, लेकिन घिस जाने या ब्रिसल्स बिगड़ने पर तुरंत बदलना चाहिए। नियमित बदलाव से मौखिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

Bharat Baani Bureau

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