19 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : आजकल यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या बहुत आम बन चुकी है। इसकी वजह से आपको जोड़ों में दर्द, अकड़न, गाउट और सूजन जैसी परेशानी हो सकती है। आयुर्वेद में यूरिक एसिड का मुख्य कारण त्रिदोषों में से वात का असंतुलन माना जाता है, इसलिए इसे वातरक्त की श्रेणी में रखा जाता है। आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियों के बारे में बताया गया है जिससे किडनी अच्छे से कार्य करने लगती है और रक्त का शुद्धिकरण भी हो जाता है। इस प्रकार ये औषधियां शरीर के अंदर मौजूद यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करती है।
यूरिक एसिड क्या है?
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ ) की मानें तो आपके भोजन में प्यूरिन नामक एक तत्व होता है जिसकी वजह से शरीर में यूरिक एसिड बनता है और ज्यादातर मामलों में यह अपशिष्ट पदार्थ मूत्रमार्ग से बाहर भी निकल जाता है लेकिन जब यह किसी कारणवश बाहर नहीं निकल पाता है तो रक्त में इसकी मात्रा बढ़ जाती है और इससे परेशानी होने लगती है।
यूरिक एसिड बढ़ने के क्या लक्षण हैं?
- शरीर में सूजन और लाल होना
- जोड़ों में दर्द
- सुबह जब आप सोकर उठते हैं तब शरीर में अकड़न महसूस होना
- शारीरिक गतिविधि में दर्द के कारण बाधा
यूरिक एसिड का आयुर्वेदिक इलाज
त्रिफला- आयुर्वेद में त्रिफला को यूरिक एसिड में अच्छा माना गया है। इसके सेवन से आपके शरीर के अंदर मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला जा सकता है। इसे खाने का सही समय रात का होता है। रात्रि भोजन के बाद और सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच त्रिफला चूर्ण लें, इससे पाचन शक्ति मजबूत होगी और रक्त की शुद्धि में भी मदद मिलेगी।
पुनर्नवा- यूरिक एसिड की समस्या किडनी से संबंधित है इसलिए इसका स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। पुनर्नवा के नियमित सेवन से किडनी बेहतर ढंग से कार्य करता है। आप नियमित रूप से दिन में दो बार एक एक चम्मच पुनर्नवा का चूर्ण ले सकते हैं। इसकी मदद से आप शरीर में यूरिक एसिड की बढ़ी हुई मात्रा को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।
अश्वगंधा- यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी कई तरह के रोगों में फायदेमंद होता है। यूरिक एसिड के मामले में यह औषधि बढ़े हुए वात दोष को संतुलित करता है। आप रात में सोने से पहले एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर को दूध के साथ ले सकते हैं। इसके सेवन से आपको जोड़ों के दर्द में राहत मिलता है।
यूरिक एसिड के लिए घरेलू उपाय
खूब पानी पीएं- यूरिक एसिड को बाहर निकालने के लिए जितना ज्यादा हो सके पानी पीएं। ऐसा करने से मूत्र के साथ मिलकर यूरिक एसिड बाहर आ जाता है।
हल्दी वाली चाय- हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जिसकी वजह से यह सूजन कम करने में मदद करता है और जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलता है।
आंवला- इससे आपका किडनी स्वस्थ रहता है और यूरिक एसिड आसानी से शरीर के बाहर निकल पाता है।
विटामिन सी- कुछ ऐसे फल जिसमें विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जैसे- संतरा, नींबू, आंवला आदि। इसके सेवन से यूरिक एसिड कम करने में मदद मिलती है।
सारांश:
यूरिक एसिड का अधिक होना (हाइपरयूरिसिमिया) शरीर में प्यूरीन के टूटने के कारण होता है, जो जोड़ों में जमा होकर दर्द और सूजन (गठिया) पैदा कर सकते हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेद में कई प्राकृतिक जड़ी-बूटियाँ और घरेलू उपाय उपलब्ध हैं।
