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20 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : खर्राटे किसी के लिए मजाक, किसी के लिए रातभर की सजा लेकिन अब ये सिर्फ,नींद बिगाड़ने वाली आवाज नहीं रह गई। अब ये शरीर के अंदर चल रही गंभीर बीमारी की चेतावनी भी है। क्योंकि अब मसला सिर्फ नींद टूटने का नहीं मामला है दिल और फेफड़ों पर पड़ते,उस दबाव का जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर रहा है। दरअसल जब कोई खर्राटे लेता है, तो कई बार नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है जिसे ‘ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया’ कहते हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का लेवल गिरता है और फेफड़ों की धमनियों पर दबाव बढ़ता है। 

लेटेस्ट रिसर्च के मुताबिक खर्राटे लेने वाले करीब ‘72% मरीजों में पल्मोनरी हाइपरटेंशन’ पाया गया है। ये हाइपरटेंशन हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। क्योंकि लंबे समय तक ऐसा होने से ‘फेफड़ों की कपैसिटी’ घटती है और COPD जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। डरने वाली बात ये है कि देश में तकरीबन 11 करोड़ लोगों को स्लीप एप्निया है और ज्यादातर लोग इसे मामूली ‘खर्राटे’ समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। 

दरअसल,जब सांस बार-बार रुकती है तो दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट की मसल्स पर लगातार दबाव पड़ता है। जो दिन में थकान, सिरदर्द और सांस फूलने की वजह बन जाती है। ऊपर से मौसम भी बदल रहा है इस मौसम में धूल, पोलन और प्रदूषण तेजी से बढ़ते हैं जिससे एलर्जी, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के मामले ज्यादा सामने आते हैं। मतलब अगर किसी को पहले से खर्राटे और सांस की परेशानी है, तो ये सीजन चेंज उसे और सीरियस बना सकता है। तो अगली बार जब आपको खर्राटों की आवाज सुनाई दे तो उसे मजाक समझकर नजरअंदाज मत कीजिए क्योंकि ये वो चेतावनी है, जो बता रही है कि फेफड़ों को अब केयर की जरूरत है। 

खर्राटे की वजह

मोटापा

थायराइड
टॉन्सिल्सॉ
हाइपरटेंशन
डायबिटीज
अस्थमा

खर्राटों के साइड इफेक्ट 

अनिद्रा की बीमारी
शुगर-बीपी इम्बैलेंस
कोलेस्ट्रॉल बढ़ना 
साइलेंट अटैक
ब्रेन स्ट्रोक 

खर्राटे की आदत से फैमिली लाइफ पर असर

46% लोगों को खर्राटे से है दिक्कत।

खर्राटे की वजह से 20% कपल अलग सोते है।

अच्छी नींद कैसे आए ?

ताजा खाना ही खाएं।
तले-भुने खाने से परहेज करें।
5-6 लीटर पानी पीएं।
रोजाना वर्कआउट करें।

खर्राटों से आराम दिलाएगा ये चीज

पुदीना खर्राटों से आरामा दिलाने में रामबाण है। इसके लिए पुदीने के तेल को पानी में मिलाकर इससे गरारे करें।  
लहसुन भी फायदेमंद साबित होता है। 1-2 लहसुन की कली को पानी के साथ लें। 

फायदा
नाक की सूजन घटाता है।                              
सांस लेना आसान होता है।
चैन की नींद आती है।
ब्लॉकेज खोलता है। 

खर्राटों से राहत दिलाए ये घरेलू नुस्खे
रात में हल्दी दूध पीएं।
गुनगुने पानी से दालचीनी पाउडर लें।
इलायची वाला गुनगुना पानी पीएं।
सोने से पहले स्टीम लें।

दूर करें हाइपरटेंशन 
खूब पानी पीएं।
स्ट्रेस, टेंशन कम लें।
खाना समय से खाएं।
जंक फूड ना खाएं।

सारांश:

नींद में खर्राटे आना सिर्फ सामान्य परेशानी नहीं है, बल्कि यह स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। स्वामी रामदेव ने आयुर्वेद और योग आधारित उपाय सुझाए हैं, जैसे प्राणायाम, हल्की एक्सरसाइज, सही नींद की आदतें और विशेष योगासन, जो खर्राटों को कम करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं। गंभीर मामलों में डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

Bharat Baani Bureau

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