Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

24 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : हरियाणा सरकार के ग्रुप ऑफ एकाउंट्स में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में नया अपडेट आया है। फ्रॉड के इस मामले मेंकई शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस पूरे मामले में बैंक ने अपने कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया था। अब इस मामले में हरियाणा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भी FIR दर्ज कर ली है। बैंक अधिकारियों, पब्लिक सर्वेंट्स और मामले से सीधे तौर पर जुड़े अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 के सेक्शन 13(2) BNS (भारतीय न्याय संहिता) के सेक्शन 316(5), सेक्शन 318(4), सेक्शन 336(3), सेक्शन 338 , सेक्शन 340(2), सेक्शन 61 (2) के तहत FIR दर्ज की गई है।

बैंक ने रविवार को दी थी फ्रॉड की जानकारी

IDFC फर्स्ट बैंक ने रविवार को खुलासा किया था कि उसके कर्मचारियों और कुछ बाहरी लोगों ने मिलकर हरियाणा सरकार के ग्रुप ऑफ अकाउंट्स में 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया है। रविवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में, IDFC फर्स्ट बैंक ने कहा कि उसने बैंकिंग रेगुलेटर RBI को इस मामले में जानकारी दी है और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। दरअसल, हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद कर उसमें जमा राशि को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था। इस प्रक्रिया के दौरान खाते की वास्तविक शेष राशि और विभाग द्वारा बताई गई राशि में अंतर पाया गया।

बैंक ने 4 संदिग्ध अधिकारियों को किया निलंबित

18 फरवरी, 2026 से अन्य हरियाणा सरकारी संस्थाओं ने भी अपने खातों के संबंध में बैंक से संपर्क किया। जांच के दौरान उनके बताए गए बैलेंस और बैंक रिकॉर्ड में दर्ज बैलेंस में अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार ये मामला केवल हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खास खातों तक सीमित है, जो चंडीगढ़ शाखा के माध्यम से संचालित हो रहे थे। ये मामला शाखा के अन्य ग्राहकों से संबंधित नहीं है। जांच पूरी होने तक बैंक के 4 संदिग्ध अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। बैंक के अनुसार दोषी कर्मचारियों और घोटाले से जुड़े बाकी सभी लोगों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक, सिविल और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

सारांश:

IDFC First Bank में घोटाले का मामला सामने आया है। एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मामले की जांच शुरू करते हुए FIR दर्ज की है। इसके बाद बैंक ने अपने 4 संदिग्ध अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप है। इस कार्रवाई से बैंक और जांच एजेंसी दोनों ही मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आगे की जांच जारी है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *