03 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज चौथा दिन है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते को लेकर ओबामा और बाइडन प्रशासन पर हमला बोला है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान इस समझौते को खत्म नहीं किया होता, तो आज ईरान के पास परमाणु हथियार होता।

ट्रंप ने पोस्ट किया, “अगर मैंने ओबामा के भयानक ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) को खत्म नहीं किया होता, तो ईरान के पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होता। यह अब तक का सबसे खतरनाक समझौता था, और अगर इसे कायम रहने दिया जाता, तो आज दुनिया बिल्कुल अलग होती। इसके लिए आप बराक हुसैन ओबामा और सुस्त जो बाइडन को दोषी ठहरा सकते हैं।”

ईरान पर अभी और बड़े हमले होंगे: ट्रंप 

ट्रंप ने ईरान में अभी 4-5 हफ्ते तक जंग जारी रखने का एलान कर किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर अभी और बड़े हमले होंगे और जरूरत पड़ी तो जमीनी सेना भी उतारेंगे। ट्रंप के मुताबिक, ईरान अमेरिका तक पहुंच वाली मिसाइलें तैयार कर रहा था।

हमले का जवाब देता रहेगा ईरान: पेजेश्कियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ट्रंप के हमले की चेतावनी पर पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका और इज़रायल ने मरीजों और बच्चों पर क्रूर हमले किए। इस गुनाह के दोषियों को कड़ी सज़ा मिलेगी। ईरान जंग जारी रखेगा और खुद पर हुए हमले का जवाब देता रहेगा।

बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के साथ उनके परिवार के कई लोग और ईरानी रक्षा नेतृत्व के कई लीडर्स मारे गए। इसके बाद ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट के देशों पर लगातार हमले कर रहा है। वहीं, ईरान पर इजरायल भीषण हमले कर रहा है। ईरान के 130 से अधिक शहरों पर बमबारी हुई है, जिसमें अब तक 555 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है।

सारांश:
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अगर उन्होंने न्यूक्लियर डील को नहीं रोका होता, तो ईरान तीन साल पहले ही परमाणु हथियार बना चुका होता। ट्रंप के अनुसार, उनकी कार्रवाई ने ईरान को परमाणु बम बनाने से रोका और क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा को सुरक्षित रखा। यह बयान उन्होंने हाल ही में मीडिया के सामने दिया।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *