03 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : खन्ना में टेट विवाद को लेकर टीचरों का गुस्सा सड़कों पर खुलकर दिखा। अलग-अलग टीचर यूनियनों ने विरोध मार्च निकाला और GT रोड जाम कर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। दाना मंडी से शुरू हुआ विरोध मार्च कैबिनेट मंत्री तरुणदीप सिंह सौंध के घर की ओर बढ़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे टीचरों ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार भर्ती और प्रमोशन के नियम बदल रही है, जिससे टीचरों पर मानसिक दबाव पड़ रहा है।

टीचर नेताओं का कहना है कि 2011 से पहले नियुक्त टीचरों पर भी टैट लागू किया जा रहा है। 2017 में दी गई छूट को रद्द कर दिया गया है और 7 फरवरी 2026 के आदेश के जरिए मास्टर कैडर प्रमोशन के लिए टैट को जरूरी कर दिया गया है, जिससे हजारों टीचर प्रभावित हो रहे हैंडेमोक्रेटिक जिला अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि 25-30 साल से सेवा दे रहे टीचरों पर फिर से टेस्ट थोपना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्रांति की बात करती है लेकिन दूसरी तरफ टीचरों की छंटनी करने की कोशिश कर रही है। बिक्रमजीत सिंह कद्दों ने कहा कि अगर सरकार ने 6 तारीख तक कोई सही हल नहीं निकाला तो संघर्ष और तेज़ किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 में सरकार का “टेस्ट” भी होगा।

महिला टीचर कोमल शर्मा ने कहा कि उनकी नियुक्ति सभी योग्यता मापदंड पूरे करने और मेरिट के आधार पर हुई थी। अब सालों बाद फिर से टैट को जरूरी बनाना न सिर्फ गलत है, बल्कि टीचरों की इज्जत और अधिकारों पर सीधा हमला भी है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस फैसले पर फिर से सोचे।

सारांश:
पंजाब में TET (Teacher Eligibility Test) को लेकर विवाद तेज हो गया है। शिक्षकों ने GT रोड जाम कर प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सरकार को भी ‘2027 में टेस्ट’ देना पड़ेगा। इस आंदोलन से सड़क यातायात प्रभावित हुआ और प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी।

Bharat Baani Bureau

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