17 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग 18वें दिन और भीषण भीषण हो गई है। इजरायल ने तेहरान में साइबर पुलिस हेडक्वार्टर पर हवाई हमला किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के 7 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमने हमले किए गए हैं। ईरान की 90 फीसदी मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के 100 से ज्यादा जहाज तबाह कर दिए हैं। ईरान भी अमेरिका और इजरायल को दहलाने के लिए लगातार मिसाइल और ड्रोन अटैक कर रहा है। ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर 700 मिसाइलों और 3600 ड्रोन से हमला किया है। जंग के बीच अब एक आशंका ये भी उठ रही है कि क्या इजरायल ईरान पर परमाणु हमला करेगा। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का जवाब दे दिया है।
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस बात पर यकीन नहीं है कि इजरायल ईरान के साथ जारी जंग में परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा- “इजरायल ऐसा नहीं करेगा। इजरायल ऐसा कभी नहीं करेगा।” दरअसल, व्हाइट हाउस के AI इंटेलिजेंस और क्रिप्टो जार डेविड सैक्स द्वारा हाल ही में एक इंटरव्यू में सुझाव दिया है कि परमाणु हथियार का उपयोग करने पर विचार करके इजरायल द्वारा युद्ध को बढ़ाने के बारे में चिंता करनी होगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी सिलसिले में ये बात कही है।
7 हज़ार से ज़्यादा ठिकानों पर हमले- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के 7 हज़ार से ज़्यादा ठिकानों पर हमले का दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि खार्ग आईलैंड में तेल वाले एरिया को छोड़कर सबकुछ तबाह कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अबतक 30 माइन-लेइंग शिप सहित 100 से ज़्यादा युद्धपोत तबाह कर दिए गए हैं। साथ ही ईरान के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को तेज़ी से खत्म किया जा रहा है जिससे 90 फीसदी से ज़्यादा मिसाइल्स तो तबाह हो ही गयी है। साथ ही ईरान की मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता भी लगभग ज़ीरो हो गयी है।
सारांश:
ईरान पर इजरायल द्वारा संभावित परमाणु हमले को लेकर दुनिया की निगाहें टिकी हैं। इस मसले पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने तनाव की गंभीरता और संभावित परिणामों पर बात की। उनका बयान इस विवादित विषय पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
